Tuesday, March 31, 2020 08:08 PM

टूटते ग्लेशियरों ने डराया लाहुल

अब तक आधा दर्जन घटनाएं आई सामने, ग्रामीणों के दिलों में दहशत का माहौल

केलांग -जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में मंगलवार को बर्फबारी का दौर थम गया। खराब मौसम के कारण घरों में कैद हुए लोगों ने जहां राहत की सांस ली, वहीं लाहुल में गिरते ग्लेशियरों ने लोगों का डरा डाला है। लाहुल-स्पीति प्रशासन ने जिला में खराब मौसम को ध्यान में रख हाई अलर्ट जारी कर रखा है, वहीं आपदा प्रबंधन की टीम को यह आदेश दिए गए हैं कि जिन गावों पर ग्लेशियरों के गिरने का ज्यादा खतरा बना हुआ है, उन गावों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया जाए। प्रशासन का कहना है कि लाहुल-स्पीति में मौसम विभाग ने 19 जनवरी तक जहां मौसम के खराब बने रहने की चेतावनी जारी की है, वहीं प्रशासन इसे हल्के में नहीं ले सकता है। घाटी में जहां ग्लेशियरों के गिरने का दौर शुरू हो चुका है, वहीं एक बुजुर्ग की मौत भी अबतक हो चुकी है। ऐसे में टूटते ग्लेशियरों ने लाहुल को डरा डाला है। घाटी में पिछले चार दिनों में हुई भारी बर्फबारी ने जहां लाहुल के गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से तोड़ डाला है, वहीं लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। चार से पांच फुट तक बर्फ घरों के आगे जम चुकि है। ऐसे में लोगों का जहां घरों से बाहर निकल पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वहीं टूटते ग्लेश्यिरों ने इन्हें डरा डाला है। मंगलवार को ग्रामीणों ने बर्फबारी का दौर थमते ही घरों के आगे जमी बर्फ को हटा रास्ता बनाना शुरू किया, वहीं प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन की टीमों को विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए रवाना किया। प्रशासन का कहना है कि आपदा प्रबंधन की टीम जहां इस दौरान गांवों में पहुंच लोगों से संपर्क साधेगी, वहीं ग्लेशियरों के संवेदनशील क्षेत्रों से भी लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाएगी। यही नहीं, गांवों में बीमार लोगों की सूचना भी प्रशासन को आपदा प्रबंधन की टीम द्वारा दी जाएगी। एसडीएम केलांग अमर नेगी ने बताया कि मंगलवार को लाहुल में बर्फबारी का दौर थम गया है। उन्होंने बताया जिला में बर्फबारी के चलते जहां ग्लेशियरों के गिरने की कुछ घटनाएं भी सामने आईं हैं। ऐसे में प्रशासन लोगों को अब सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने बाताया कि प्रशासन ने कुछ टीमों का गठन किया है, जो उन सभी क्षेत्रों पर नजर रखेंगी, जहां ग्लेशियरों के गिरने की संभावना बनी हुई है।

15 दिन में गिरे पांच ग्लेश्यिर

उल्लेखनीय है कि जनवरी माह के दूसरे सप्ताह तक ही जहां लाहुल-स्पीति के विभिन्न क्षेत्रों में पांच ग्लेशियरों के गिरने की घटनाए सामने आई हैं, वहीं जिला मुख्यालय के साथ सटे  प्यासो गांव में ग्लेशियर के मलबे की चपेट में एक बुजुर्ग के आने से मौत हो गई है। इस घटना के बाद जहां टूटते ग्लेशियरों ने लाहुल के ग्रामीणों के दिलों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं प्रशासन की भी टेंशन बढ़ा डाली है।