Friday, December 13, 2019 07:28 PM

टू-वे नहीं… मालरोड से धर्मशाला की शान

स्मार्ट सिटी के लोगों ने रखी नई राय; अव्यवस्था ने उजाड़ा ऐतिहासिक बाजार, सरकार-प्रशासन करे सुधार

 धर्मशाला -स्मार्ट सिटी धर्मशाला की खूबसूरत मार्केट को बर्बाद करने का राग अलाप रहे कुछेक कारोबारियों को शहर के बुद्धिजीवियों ने आईना दिखाया है। लोगों का आम शब्दों में कहना है कि शहर में टू-वे कजो, एक प्यारा मॉल रोड बने तां गल बननी है। इसके तहत धर्मशाला बस स्टैंड को दो वर्ष पहले किए गए शिलान्यास के कार्यों को नींव पत्थर से आगे बढ़ाते हुए बस टर्मिनल बनाकर कोतवाली बाजार को रिज की तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, शहर में आने वाले आम लोगों और पर्यटकों के लिए उचित पार्किंग की व्यवस्था भी करनी चाहिए, जिसमें रघुवीर सिंह क्लब ने काफी स्थान घेरा हुआ है, जहां पर एक बेहद बड़ी और सुविधाजनक पार्किंग पर्यटकों के लिए बन सकती है। ऐतिहासिक बाजार को कारोबारियों और सरकार की अव्यवस्था ने अब तक पूरी तरह से उजाड़ दिया है। ऐसे में आम लोगों ने सरकार व प्रशासन से सुधार करने की भी मांग उठाई है। धर्मशाला शहर के स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों में प्रेम सागर शर्मा, रोशन लाल नरूला, आशीष, शरण दास, बीबी भरमारिया, अजय कुमार, शेखर रॉय और अन्य लोगों का कहना है कि कोतवाली बाजार को ऐतिहासिक बाजार के रूप में विकसित किए जाने को कभी प्रयास ही नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि बाजार को पर्यटकों के लिए विकसित किया जा सकता है, जिससे अधिक संख्या में पर्यटक व लोग मार्केट में पहुंचे और अधिक समय तक रुके। स्थानीय लोगों का कहना है कि टू-वे किए जाने की बजाय बाजार को कांगड़ा के पहले मॉल रोड के रूप में विकसित करना चाहिए।  इसमें बस स्टैंड को विकसित करते हुए कोतवाली बाजार तक पहुंचाना चाहिए, जिसमें वाहनों की पार्किंग और साथ ही रघुवीर सिंह क्लब को भी उचित पार्किंग के लिए प्रयोग में लाया जाना चाहिए।

हिमाचली संस्कृति से होंगे रू-ब-रू

बाजार को ऐतिहासिक मानते हुए इसे उसी तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए, जिससे देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटक यहां की संस्कृति, पहनावे और बाजार को देखकर वीडियो और सेल्फी लिए बिना न जा सकें। बाजार को अतिक्रमण, ट्रैफिक के बोझ और बेतरतीब पार्किंग की बजाय उचित व्यवस्था करके माल रोड विकसित किए जाने पर लोग अधिक ध्यान दे रहे हैं। जबकि कुछेक लोगों द्वारा बिना योजना के ही राग अलाप कर व्यवस्था को ठप किए जाने का भी प्रयास किया जा रहा है। 

सफाई को लेकर कारोबारी करें सहयोग

शहर के स्थानीय लोगों का कहना है कि कारोबारियों द्वारा अपने व्यापार को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हंै। उनका कहना है कि कारोबारियों को भी पार्किंग, शहर को विकसित करने के कार्यों, बाजार की सुंदरता, कूड़े-कचरे को खुली सड़क में फेंकने की बजाय कूड़ेदान की व्यवस्था सहित अन्य सहयोग सरकार व प्रशासन के लिए करना चाहिए। इससे इस ऐतिहासिक बाजार को और अधिक संवार कर पर्यटकों को भी सुविधा प्रदान कर अधिक समय तक रोका जा सकें।

शहर को कनेक्ट करने के लिए चले बसें

धर्मशाला शहर को कनेक्ट करने के लिए सुचारू रूप से हर रूट पर बसें भी चलाई जानी चाहिएं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था का बोझ घटेगा और लोग सुविधाजनक तरीके से आवाजाही भी कर सकेंगे।