Friday, September 20, 2019 12:43 AM

ट्रक यूनियनों से डरते हैं निवेशक

जर्मनी और नीदरलैंड में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से विदेशी उद्योगपतियों ने की थी शिकायत

शिमला - हिमाचल प्रदेश की ट्रक यूनियनों से विदेशी निवेशक भी भय खाते हैं। यह एक बड़ी वजह है कि निवेशक यहां पर निवेश को दिलचस्पी नहीं दिखाते। यह खुलासा खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया है। उनका कहना है कि विदेशी निवेशकों ने उनसे यह बात कही है कि हिमाचल प्रदेश में ट्रक यूनियनों की हेकड़ी है और वे लोग काफी ज्यादा भाड़ा लेते हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पिछले दिनों विदेशी निवेशकों को रिझाने के लिए नीदरलैंड व जर्मनी गए थे, जिनके साथ अधिकारियों की टीम भी थी। इस दौरान उन्होंने वहां पर उद्योगपतियों से बातचीत की और इस बातचीत के दौरान सामने आया कि हिमाचल प्रदेश की ट्रक यूनियनों की दादागिरी से निवेश डरते हैं। यहां पर निवेश से पहले वह सौ बार सोचते हैं, जिस कारण प्रदेश में उद्योगों की आमद में कमी आई है। इस समस्या को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने स्तर पर गंभीरता से प्रयास किए हैं और इसका नतीजा यह रहा कि 27 फीसदी तक फ्रेट रेट में कमी करवाई गई है। सीएम ने कहा कि उन्होंने ट्रक यूनियनों के साथ इस सिलसिले में बातचीत की और यहां पर 27 फीसदी की ट्रक भाड़े में कमी करवाई है, जिससे उद्योगपतियों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि निवेशकों को वह इस संबंध में पूरी तरह से आश्वस्त कर रहे हैं, ताकि यहां पर निवेश में उन्हें कोई दिक्कत न हो। गत शनिवार रात रात्रि भोज के दौरान प्रेस से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने बताया कि परवाणू में ट्रक यूनियन को नियमों के दायरे में लाया गया है, जहां पर अब कोई बवाल नहीं होता। इससे पहले वहां पर गुंडागर्दी थी और आए दिन गुंडातत्त्व हलचल करते रहते थे। इसी तरह से दूसरी ट्रक यूनियनों से बातचीत कर उन्हें कहा गया कि जब उद्योग नहीं आएंगे, तो वे लोग अपने ट्रक कैसे चलाएंगे। सरकार इसमें फिर कोई मदद नहीं कर सकेगी। इसलिए जरूरी है कि निवेशकों के साथ उनके सौहार्दपूर्ण संबंध रहें, ताकि यहां पर निवेश बढ़े और उनका रोजगार भी चलता रहे।

यूनियनों ने मानी सीएम की बात, भाड़े में कमी

जयराम ठाकुर ने कहा कि उनकी बात को ट्रक यूनियनों ने माना है और इसके बाद भाड़े में कमी की गई है। उनके साथ सौहार्दपूर्ण तरीके से आगे भी  सरकार चलती रहेगी, जिसमें उन्हें सहयोग देना होगा। सीएम ने कहा कि निवेशक यहां पर निवेश के लिए तैयार हैं, जिनकी कुछ समस्याएं हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास हो रहा है। इसमें ट्रक भाड़ा सबसे महत्त्वपूर्ण था।