Monday, April 06, 2020 06:37 PM

ठियोग के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

लॉकडाउन होने पर एंबुलेंस के अलावा किसी भी निजी गाड़ी के चलने पर रोक, आदेशों का किया उल्लघंटन तो होगा जुर्माना

ठियोग-जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को ऊपरी शिमला के गेट-वे कहे जाने वाले ठियोग में कोरोना वायरस को लेकर बाजार में कुछ एक दुकानों को छोड़कर अधिकतर व्यापारियों ने दुकानें बंद रखी, वहीं दूसरी ओर दोपहर के समय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पूरे प्रदेश को लॉकडाउन करने की घोषणा के बाद जो कुछ वाहन सुबह के समय सड़क पर दिखाई भी दे रहे थे, उन्हें वापस भेजा गया। हालांकि सोमवार को काफी अधिक संख्या में निजी वाहन सड़क पर दौड़ते हुए दिखाई दिए, लेकिन स्थानीय प्रशासन के अनुसार मंगलवार से इन सब पर पूरी तरह से पाबंदी लग जाएगी। जबकि इसके बाद परिवहन निगम की बसों के अलावा निजी बसों को चलाने पर पहले ही रोक लग गई थी और सोमवार सुबह के समय जो बसें शनिवार शाम को रूट पर गई हुई थी वो रविवार को भी वापिस नहीं आई थी और सोमवार सुबह भी इन सारी बसों को खाली ही शिमला व ठियोग वापस बुलाया गया। हालांकि कई जगह लोग बसों को रोकते भी रहे, लेकिन सरकार के आदेशों की पालना करते हुए परिवहन निगम के कर्मचारियों ने बसों में सवारियों को बिठाने से मना कर दिया। एसडीएम ठियोग केके शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अब केवल एंबुलेंस सेवाएं ही सड़क पर दिखाई देगी, जबकि 31 मार्च तक बाकी सभी निजी व सरकारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई है और पूरा प्रदेश लॉकडाउन किया गया है। जिसमें सिर्फ आपातकालीन स्थिति में वाहन को जाने दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए सोमवार को उनके कार्यालय से एक टीम गठित करके लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह गई हुई थी, जबकि मंगलवार से निजी वाहनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जबरदस्ती करेगा तो उसके खिलाफ  कानूनी कार्रवाई के अलावा जुर्माने की भी व्यवस्था है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से सहयोग की अपील करते हुए इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने और सरकार व प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश का पालन करने को कहा है। उधर, जैसे ही प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन करने के आदेश जारी किए गए उसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से भी जगह-जगह नाकेबंदी कर दी गई थी। जिसमें वाहनों को वापस भेजा जा रहा था। ठियोग के डीएसपी कुलविंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि लॉकडाउन होने के बाद पुलिस ने जगह-जगह नाकेबंदी कर दी है और लोगों को जागरूक करने के लिए उन्हें वापस घर भेजा जा रहा है, जबकि कोई व्यक्ति यदि जबरदस्ती करता हुआ भी पाया गया, तो उसके खिलाफ  कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोरोना वायरस के खौफ  के कारण लोग सहमे और डरे हुए से हैं, लेकिन अभी तक कोई मामला सामने न आने से कुछ लोग अभी भी इसे हल्के में ले रहे हैं। इसलिए इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में तो कम ही देखने को मिल रहा है। हालांकि शहरों में पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से लोगों ने एकजुट होकर कोरोना वायरस को लेकर एक साथ लड़ाई लड़ने का मन मना लिया है, उससे लग रहा है कि यदि लोग इसी तरह से जागरूक रहे, तो कोरोना को आने से रोका जा सकता है।