डब्बल चिन की समस्या

जब हमारा वजन बढ़ता है, तो शरीर के विभिन्न हिस्सों के साथ चेहरे पर भी अतिरिक्त वसा जमने लगता है जिसकी वजह से चिन पर अत्यधिक चर्बी इकठ्ठा होने की वजह से डबल चिन दिखने लगती है, जो चेहरे की खूबसूरती को कम कर देती है। चेहरे के आसपास का हिस्सा कमजोर होता है। यही वजह है कि जैसे ही हमारा वजन बढ़ता है, चेहरा और गले के आसपास फैट जमा होने से यह हिस्सा फूला हुआ नजर आता है। उम्र बढ़ने, थाइराइड या आनुवंशिक कारणों से भी डबल चिन की समस्या उत्पन्न  होती है। आइए आपको बताते हैं डबल चिन की समस्या से निजात पाने के उपायः

विटामिन ई का सेवन

अपनी डाइट में विटामिन ई को तरजीह दें। जहां तक संभव हो विटामिन ई युक्त खाद्य सामग्रियों का सेवन करें जैसे ब्राउन राइस, डेयरी प्रोडक्ट, नट्स, बींस, सेब, सोया बींस, मूंगफली आदि को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

 च्यूइंगम चबाएं

च्यूइंगम चबाने से जबड़े मजबूत होते हैं साथ ही गर्दन पर जमा एक्स्ट्रा फैट भी कम होता है, लेकिन ध्यान रहे कि शुगर फ्री च्यूइंगम का इस्तेमाल करें। 

चेहरे की मसाज

डबल चिन कम करने के लिए मसाज एक कारगर उपाय है। रात में सोने से पहले लोशन या आलिव ऑयल से जॉ लाइन और गर्दन पर हाथों को चेहरे के ऊपर की तरफ मसाज करें। आप चाहें तो इसके लिए एक्सपर्ट की मदद भी ले सकती हैं।

वजन नियंत्रण

आप जितना वजन कम करेंगे, उसी अनुपात में चेहरे पर जमा फैट भी घटता जाएगा और डबल चिन की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

एक्सरसाइज

गर्दन को क्लॉकवाइज और फिर एंटी क्लॉकवाइज घुमाएं। यह व्यायाम 10 बार करें। रोज करने से इसका असर जल्द दिखने लगेगा। गर्दन को आगे ले जाते हुए छाती से सटाएं और पांच सेकंड तक इसी अवस्था में रहें। फिर धीरे-धीरे सांस लेते हुए गर्दन को जितना हो सके, पीछे की तरफ  ले जाएं, फिर इस पोजीशन में भी पांच सेकंड रहें। फिर सांस छोड़ते हुए गर्दन को वापस छाती से सटाएं। इसे 10 बार दोहराएं... गर्दन को दायीं तरफ  ले जाएं और चिन को कंधे से सटाएं। इस पोजीशन में पांच सेकंड तक रहें। इसी तरह चिन को बाएं कंधे से सटाएं। इस पूरी प्रक्रिया को 3 बार करें।

ज्यादा पानी पिएं

ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। कई बार पानी की कमी से स्किन ड्राई हो जाती है। जो कि स्किन लटकने का कारण बन जाती है। इससे बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और ड्रिंक्स पिएं। जहां तक संभव हो नार्मल पानी पिएं या फिर हल्का गुनगुना पानी पिएं। ठंडा पानी पीने से परहेज करें।