Wednesday, July 17, 2019 08:35 AM

डाक्टर के डेपुटेशन से भड़के लोग

सेवा आश्रय संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार-विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मांगा स्थायी डाक्टर

पद्धर -प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में डाक्टर न बैठने से अपना उपचार करने आ रहे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विकास खंड द्रंग की ग्रांम पंचायत पाली में सरकार ने करोड़ों रुपए से आलीशान भवन तो बना डाला, लेकिन उसमें उपचार करने आ रहे लोगों को सही तरीके से उपचार नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार ने पाली स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर की नियुक्ति तो कर दी, लेकिन पद्धर अस्पताल में डाक्टर न होने से अब उनको डेपुटेशन में पद्धर बुला रहे हैं। इस कारण पाली पंचायत के साथ-साथ कुन्नू, त्रैंबली और टांडू पंचायत के लोगों को अपना उपचार करने पद्धर या मंडी जाना पड़ रहा है, जिस कारण लोगों को पैसों के साथ-साथ समय भी बर्बाद करना पड़ रहा है। सेवा आश्रय संगठन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर, जनरल सक्रेटरी हेम सिंह, प्रेस सचिव ललित ठाकुर, घनश्यान, तीर्थ राज, भारत भूषण, संजय कुमार, कुलदीप सहित अन्य लोगों का कहना है कि पाली में डाक्टर की नियुक्ति तो सरकार ने कर दी, लेकिन अस्पताल में डाक्टर न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। हेम सिंह ने बताया की ऐसे तो भाजपा सरकार बेहतर स्वास्थ्य की बातें करती है, लेकिन जिला मंडी के कई अस्पतालों में डाक्टर न होने से लोगों की सेहत के साथ खिलबाड़ हो रहा है। हेम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पाली में डाक्टर न होने से उपचार करने आ रहे लोगों को सही तरीके से फर्स्टएड भी नहीं मिल पा रही है, जिस कारण मरीजों को धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सेवा आश्रय संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चेताते हुए बताया कि पाली स्वास्थ्य केंद्र पाली में डाक्टर को स्थायी तौर पर नियुक्त नहीं करती है तो सेवा आश्रय संगठन के कार्यकर्ता पद्धर मुख्यालयों में जाकर धरना-प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं करेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी ।

क्या कहते हैं अधिकारी

उधर, डाक्टर शेखर कपूर खंड चिकित्सक अधिकारी, पद्धर का कहना है कि पद्धर अस्पताल में डाक्टर के पद खाली होने के कारण कारण बीच-बीच मंे पाली सहित अन्य स्वोस्थ्य केंद्रों से डाक्टर की ड्यूटी लगाई जाती है। महीने का डाक्टर ड्यूटी रोस्टर पहले से ही बनाया होता है। उस हिसाब से डाक्टरों की ड्यूटी लगाई जाती है। जैसे ही पद्धर अस्पताल में डाक्टर की नियुक्ति सरकार कर देगी, उसके बाद डाक्टर स्थायी तौर पर पाली में नियुक्त किया जाएगा।