Wednesday, December 11, 2019 05:17 PM

तंबाकू-गुटखा बेचने वालों की खैर नहीं

शिमला -राजधानी में तंबाकू, गुटखा व अन्य नशीले पदार्थों को बेचने वाले दुकानदारों की अब खैर नहीं होगी। जिला प्रशासन ने इन दुकानदारों पर नजर रखने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी अब एक बार फिर से शहर के कोने-कोने में जाकर निरीक्षण करेगी और अवैध रूप से अभी भी नशीले पदार्थों को बेचने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों के नजदीक की दुकानों में भी खुद जिला प्रशासन तंबाकू की दुकानों में ताला लगाएंगे। दरअसल शिमला शहरी उपमंडलाधिकारी नीरज चांदला ने औचक निरीक्षण के दौरान कई दुकानदारों को ये आदेश दिए थे कि वे फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस बनवाएं। वहीं शिक्षण संस्थानों के नजदीक जितने भी पनवारी बैठे हंै, वे अपनी दुकान को बंद कर दें। इस दौरान एसडीएम  ने आदेशों को न मानने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई करने के भी संकेत दिए थे। यही वजह है कि गुटखा, पान व अन्य नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कोई फर्क पड़ता न देख एसडीएम ने टीम का गठन कर दिया है। इस टीम की अध्यक्षता खुद एसडीएम करेंगी। दूसरे निरीक्षण के दौरान लापरवाही करने वाले दुकानदारों की रिपोर्ट बनाने के बाद उपायुक्त को सौंपी जाएगी और कडी कार्रवाई करने की परमिशन भी इस दौरान  डीसी से मांगी जाएगी। गौर हो कि प्रशासन ने दो टूक कहा था कि राजधानी में अगर दुकानदारों व मशहूर पनवारियों को पान गुटखा बेचना है तो फूड सेफ्टी एक्ट में पंजीकरण करवाना होगा। शहर में बिना पंजीकरण के गुटखा, पान व अन्य नशीले पदार्थ बेचने वाले दुकानदारोंं पर कार्रवाई करने के आदेश डीसी की ओर से जारी हो चुके थे। बता दें कि शिमला शहरी एसडीएम नीरज चांदला की अध्यक्षता में शिमला के पनवारी ऐसोसिएशन के साथ बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में एसडीएम ने पान, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट बिना अनुमति के बेचने वाले दुकानदारों को फटकार भी लगाई। एसडीएम ने उस दौरान हैरानी जताई कि हाईकोर्ट के निर्देषों के बाद भी शहर में अभी तक नशीले पदार्थों को बेचने वाले दुकानदारों ने पंजीकरण नहीं करवाया है। एसडीएम नीरज चांदला ने पनवारी सहित सभी दुकानदारों को 15 दिन के भीतर पंजीकरण का प्रोसेस पूरा करने को कहा था, बावजूद इसके अभी तक पनवारी अपना पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं। भले ही जिला प्रशासन से कई दुकानदारों ने रजिस्ट्रेशन ली हो, लेकिन वह रजिस्टे्रशन भी तब तक मान्य नहीं होगी, जब तक कि फूड सेफ्टी एक्ट से परमिशन नहीं ली गई।