Tuesday, January 21, 2020 11:31 AM

तत्तापानी में लोहड़ी मेले पर होगी सतलुज आरती

करसोग - छोटी काशी के नाम से प्रख्यात जिला मंडी के दूरदराज देवभूमि करसोग के इतिहास में पहली दफा धार्मिक संस्कृति को प्रमुखता पर रखते हुए तत्तापानी स्थित मकर संक्त्रांति लोहड़ी के मेले पर सतलुज आरती का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस सतलुज आरती में एक तरफ जहां नया इतिहास धार्मिक संस्कृति को लेकर बनने जा रहा है व उच्च स्तरीय लेजर शो का आयोजन भी किया जा रहा है लोहड़ी मकर सक्त्रांति मेले के ऐतिहासिक आयोजन पर हर साल की तरह इस वर्ष भी प्रदेश के मुख्यमंत्री व जिला मंडी के गौरव ठाकुर जयराम भी पहुंचने संबंधी कार्यक्त्रम लगभग तय हो चुका है जिसके चलते विश्व विख्यात धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटक स्थल तत्तापानी के नाम से पहली दफा सतलुज आरती का नाम भी जुड़ने वाला है जो आने वाले दिनों में करसोग उपमंडल के विश्वविख्यात धार्मिक तीर्थ एवं बैठक स्थल तत्तापानी को पर्यटन के मानचित्र पर पूरी दुनिया का विशेष आकर्षण बनेगा। इस बारे जिला भाषा अधिकारी मंडी रेवती सैनी ने पुष्टि करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों का प्रदेश सरकार के प्रयासों से तत्तापानी में पहली दफा सतलुज आरती का भव्य अलौकिक आयोजन होने जा रहा है, जो लोहड़ी मकर सक्त्रांति मेला जो कि जनवरी में आयोजित किया जाता है उस दौरान विशेष आकर्षण जहां रहेगा वहीं पूरी दुनिया में इस क्षेत्र का नाम धार्मिक पर्यटन को लेकर सामने आने वाला है। उसकी तैयारियां मिले दिशा निर्देश अनुसार शुरू कर दी गई हुई हैं। इस कार्य में करसोग प्रशासन के माध्यम से भी इस सतलुज आरती तत्तापानी को किस प्रकार धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण व मर्यादापूर्वक बनाते हुए संस्कृति को सहेज कर संजोने का प्रयास किया जाएगा। उसको लेकर भी कार्य शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि करसोग से लगभग 50 किलोमीटर दूर तत्तापानी, जो कि जमदग्नि ऋषि की तपोस्थली के रूप में माना जाता है वहां पर प्राकृति के मिले उपहारों में गर्म पानी के चश्मे विद्यमान हैं तथा लोहड़ी मकर सक्रांति के मेले पर हजारों लोग तुला दान करते हुए पूजा अर्चना कर पुण्य कमाते हैं। अभी हाल ही के दिनों में जिला मुख्यालय मंडी में व्यास आरती के बाद करसोग उपमंडल का तत्तापानी क्षेत्र ऐसा है जहां पर पहली दफा सतलुज आरती का आयोजन इस बात का संकेत है कि प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम जिन्होंने हमेशा तत्तापानी के पर्यटन को उभारने के लिए कई प्रयास करते हुए योजनाओं को अमली रूप देने का काम जारी रखा हुआ है, उनके द्वारा सतलुज आरती का भव्य आयोजन भी करने संबंधी दिशा निर्देश मिलने बाद यह ऐतिहासिक आयोजन पहली बार तातापानी में होने जा रहा है। जिला भाषा अधिकारी रेवती सेणी ने कहा कि सतलुज आरती के आयोजन से पहले संबंधित क्षेत्र में जो लोग भी प्राचीन मंगल गीत गाते हैं या लोकगीत गाकर धार्मिक पर्यटन का प्रचार प्रसार करते हैं उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।