Friday, October 18, 2019 11:50 AM

तनुजा के भाषण पर सब फिदा

कंदरौर-राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंदरौर में एनएसएस कैंप का तीसरा दिन रहा। कैंप के तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ  से डाक्टर अनंत कुमार, प्रोग्राम आफिसर मेंटल हैल्थ विजय कुमारी हेल्थ एजुकेटर, डाक्टर ज्योत्स्ना क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट ने विशेषज्ञ संसाधक के रूप में शिरकत की और विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर अपने विचार रखे, जिसका थीम मासिक स्वास्थ्य संवर्धन एवम आत्महत्या की रोकथाम था। उन्होंने कहा कि खुद का जीवन नष्ट करने की स्थिति को खुदकुशी (आत्महत्या) कहा जाता है। आत्महत्या के विचार आने की समस्या से पीडि़त व्यक्ति को खुद का जीवन नष्ट करने के विचार आने लगते हैं। इसके साथ-साथ इस दौरान उसको डिप्रेशन और बिहेवियरल बदलाव भी महसूस होने लगते हैं। खुदकुशी का विचार आना एक सामान्य समस्या है और ज्यादातर लोग इसे तब महसूस करते हैं। जब वे तनाव या डिप्रेशन से गुजर रहे होते हैं। किसी को मानसिक विकार या मानसिक रोग है तो वह व्यक्ति खुदकुशी करने का प्रयास कर सकता है। यह जानना मुश्किल हो सकता है कि कोई अंदर से कैसा महसूस कर रहा है, लेकिन यह रोग होने पर मरीज में ऐसे कई व्यवहार विकसित हो जाते हैं जो यह संकेत दे सकते हैं कि व्यक्ति खुदकुशी करना चाहता है। इन चेतावनी संकेतों को पहचानना महत्त्वपूर्ण होता है ताकि आप परिवार के सदस्य या ऐसे दोस्त की मदद कर सकंे जो आत्महत्या करने के विचारों से पीडि़त है। खुदकुशी करने की इच्छा से जुड़े लक्षणों में  किसी  परिस्थिति में फंसा हुआ और आशाहीन महसूस होना, शराब व अन्य ड्रग आदि मादक पदार्थों का सेवन का बढ़ना, जोखिम भरी और खुद के लिए घातक चीजें करना, जैसे ड्रग आदि का सेवन करना या लापरवाही से गाड़ी चलाना हो सकते हैंं। आत्महत्या के विचार तब आने लगते हैं जब रोगी को लगता है कि अब वे इस गंभीर स्थिति का सामना करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसी परिस्थिति पैसे संबंधी समस्याएं किसी प्रियजन की मौत, टूटे हुए रिश्ते या जानलेवा बीमारी से पैदा हो सकती है। इस मौके पर थीम पर आधारित कई प्रतियोगिताएं करवाई गईं। इनमें पेंटिंग व भाषण प्रतियोगिताएं प्रमुख रही। पेंटिंग प्रतियोगिता में आसुतोष भारद्वाज ने प्रथम, मुकेश ने  द्वितीय और मंगल सिंह ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसी कड़ी में भाषण प्रतियोगिता में तनुजा ने प्रथम, प्रिया ने द्वितीय व पूजा ने तृतीय स्थान हासिल किया। सभी विजेता छात्रों को प्रोत्साहन के रूप में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 300, 200 व 150 रुपए की नकद राशि प्रदान की गई। इसके उपरांत प्रधानाचार्य श्री अमरनाथ बंगा ने भी अपने विचार रखे और बाहर से आये सभी गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद किया।