Wednesday, December 11, 2019 05:25 PM

तिरपाल के नीचे खाना खा रहे तीमारदार

मेडिकल कालेज की कैंटीन के बाहर शैड न होने से लोगों को झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें

हमीरपुर -मेडिकल कालेज हमीरपुर एवं अस्पताल की कैंटीन में लोगों के लिए शैड तक की व्यवस्था नहीं की गई है। किसी तरह से तिरपाल से बैठने का जुगाड़ किया गया है। कैंटीन संचालकों के लिए मात्र कमरे की व्यवस्था है। किसी ने अगर कुछ खाना है तो खुले आसमान में ही बैठना होगा। बारिश के इस मौसम में लोगों की यहां मुसीबत बढ़ गई है। बारिश से बचने के लिए यहां सिर्फ जुगाड़ से तिरपाल लगाया गया है। यहां किसी तरह से लोग बैठकर भोजन करते हैं।  डा. राधाकृष्णन मेडिकल कालेज एवं अस्पताल की कैंटीन में लोगों को बैठने के लिए उचित सुविधा नहीं है। कैंटीन में महज संचालकों के लिए कमरा है, लेकिन लोगों को बैठने के लिए कोई शेड नहीं है। शेड के नाम पर महज तिरपाल लगाकर लोगों को चाय-खाने के लिए बैठाया जा रहा है। हालांकि हल्की धूप में तो यहां लोग बैठे रहते हैं, लेकिन तेज धूप व बारिश होने पर लागों को यहां से उठना पड़ता है और अस्पताल के अंदर जाकर खुद को बारिश से बचाना पड़ता है। ऐसे में कई लोगों को अपना खाना और चाय आदि छाड़ेना पड़ता है। इस कैंटीन का संचालन ठेके पर दिया गया है, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए कैंटीन के साथ बैठने के लिए कोई उचित शेड का निर्माण नहीं किया गया। एक कमरे के अलावा लोग बाहर बैठने को मजबूर हैं। तिरपाल लगाकर लोगों को कैंटीन संचालक ने सुविधा देने की कोशिश की है, लेकिन बारिश में यह सुविधा भी शून्य हो जाती है। मरीजों के आए तीमारदार और अस्पताल का स्टाफ कैंटीन में अधिक खान-पान करते हैं। ऐसे में उन्हें परेशानी होती है। अखिल कुमार, विरेंद्र कुमार, जीवन चंद, सोमदत्त आदि का कहना है कि अगर कैंटीन के साथ खाली जगह पर एक शेड बनाया जाए तो लोगों को उचित सुविधा मिलेगी। उन्होंने कैंटीन में बैठने की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।