Monday, September 23, 2019 01:47 AM

तीन पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि से शुरू होगा मानसून सत्र

आज हिमाचल विधानसभा में पहले ही दिन प्रशासनिक ट्रिब्यूनल बंद करने पर हंगामे के आसार

शिमला - हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो जाएगा। 31 अगस्त तक चलने वाले सत्र में कुल 11 बैठकें होनी हैं। इस बार का सत्र लंबा है, क्योंकि बजट सत्र में पूरी बैठकें नहीं हो सकी थीं। माना जा रहा है कि यह सत्र आगे भी एक्सटेंड किया जा सकता है, लेकिन यह सदन की कार्यवाही पर निर्भर करेगा। इतना ही नहीं, पहले ही दिन सदन में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के मुद्दे पर हंगामा होने के पूरे आसार हैं, क्योंकि सरकार की ओर से लाए गए अध्यादेश को सदन में रखा जाएगा। सोमवार को दोपहर बाद दो बजे से सदन की कार्यवाही शुरू होगी। तीन पूर्व विधायकों पर शोकोद्गार से सदन शुरू होगा, जिसमें पूर्व विधायकों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। बजट सत्र के बाद तीन विधायकों पंडित शिव लाल, चौधरी विद्यासागर और शिव कुमार उपमन्यू का देहांत हुआ है, जिन्हें सदन याद करेगा। शोकोद्गार की वजह से माना जा सकता है कि सदन में सोमवार को प्रश्नकाल न हो, क्योंकि उसी समयकाल में शोकोद्गार होगा। पहले दिन की कार्यवाही में विपक्ष के दो विधायकों ने नियम 62  के तहत शिमला शहर के उपनगरों को लेकर चर्चा लाई है, जिसमें अवैध पार्किंग से दुर्घटनाओं को लेकर बात उठाई जाएगी। पिछले दिनों शिमला के झंझीड़ी में अवैध पार्किंग के कारण एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें स्कूल की एक बच्ची की मौत हो गई थी। इस मामले पर विधायक सदन का ध्यान खींचेंगे। इस ज्वलंत मामले पर चर्चा होनी संभावित है, जिसे विधायक अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह की ओर से लाया गया है। इसके अलावा नियम 130 में विधायक राकेश जम्वाल जल परिवहन नीति पर विचार के लिए प्रस्ताव रखेंगे। इसमें दूसरे विधायक भी शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही सरकार पहले ही दिन सदन में हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक प्राधिकरण को बंद किए जाने और उसके मामलों को हाई कोर्ट को सौंपे जाने के विषय में लाए गए अध्यादेश को रखेगी। सदन में इस अध्यादेश की जानकारी दी जाएगी और बताया जाएगा कि विधानसभा कार्यवाही में नहीं थी और जरूरी था कि अध्यादेश लाया जाए। इस पर भी विपक्ष के विधायक सत्तापक्ष को घेरने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि ट्रिब्यूनल को बंद करने को लेकर विपक्ष विरोध कर रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी सरकार के समय में भी ट्रिब्यूनल को बहाल किया था, क्योंकि तब तत्कालीन धूमल सरकार ने इसे बंद किया था। इसका विरोध जताते हुए विपक्ष सदन में हंगामा कर सकता है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लेकर रविवार को ही अपनी रणनीति भी बनाई है।