Thursday, November 14, 2019 02:33 PM

तुलसी को ब्याहने निकले शालिगराम

 टूटीकंडी के गीता मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुई विवाह की परंपरा

शिमला -शिमला के टूटीकंडी स्थित गीता मंदिर में भगवान शालिगराम और तुलसी का विवाह बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। भगवान शालिगराम की बारात में करीब 250 से 300 लोग शामिल हुए। बैंड बाजे और गानों के साथ भगवान शालिगराम तुलसी माता के साथ शादी रचाने के लिए निकले। तुलसी के विवाह के माता पिता की रस्में महेन्द्र शर्मा व तारा शर्मा ने निभाई। वहीं भगवान शालिगराम की बारात लेकर चंद्र मोहन शर्मा व अनुपमा शर्मा सैंकड़ों बरातियों के साथ बारात लेकर शादी की रस्मों को निभाया। बता दें कि शुक्रवार को तुलसी व भगवान  शालिगराम के विवाह का शुभ मुहुर्त था। जानकारी के अनुसार कार्तिक मास की देव प्रबोधनी  के एकादशी का मुहुर्त साल में बहुत कम आता है। इस दिन तुलसी व शालिगराम की शादी को बड़ा ही शुभ माना जाता है। बता दें कि टूटीकंडी में हुई इस तुलसी व शालिगराम की शादी की रस्मों को पूरी तरह से निभाया गया। इस दौरान माता तुलसी का पूरा सोलह श्रृंगार किया गया था। वहीं फेरों के साथ ही भगवान शालिगराम ने माता के साथ सिंदूर भरने की परंपरा को भी निभाया। इस दौरान क्षेत्र के लोगों में काफी उल्लास देखा गया। लोगों ने एक दूसरे को शादी संपन्न होने की बधाईया दीं।