Monday, August 03, 2020 05:49 PM

थानाकलां में आवारा पशु बने सिरदर्द

थानाकलां-थानाकलां के समीप कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के लिए कोई ठिकाना नहीं है। गांव मझेड, अघलौर, टीहरा, बल्ह, जोगिपंगा, बौल, आदि स्थानों पर बेसहारा पशु अपने ठिकाना ढूंढ़ने के लिए यहां-वहां भटक रहे हैं, कई सड़कों पर झुंडों में बैठे रहते हैं और कई लोगों के पशुशाला में घुस रहे हैं,जिसके चलते किसान काफी परेशान हैं। सड़कों के बीचों बीच बेसहारा पशुओं के झुंड खड़े रहते हैं। जिसके चलते यातायात को भी काफी दिक्कतें आती हैं कई दो पहिया वाहन इनकी चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। गांव अघलौर के बाशिंदों की मानें तो काफी समय से 50 से ऊपर बेसहारा पशु यहां रहेते हैं जिसके चलते फसल और उनके पालतू पशुओं को भी खतरा बना रहता है। कई बार आवारा पशुओं द्वरा उनके पशुशाला में जाकर पालतू पशुओं को घायल कर देते हैं उनकी नकदी फसलों को वर्बाद कर देते है सुबह शाम सड़कों पर बैठे रहते है जिसके चलते आने जाने वाले वाहन को भी खतरा बना रहता है। दूसरी थानाकलां में एक गोशाला बनी हुई है उसमें भी लगभग 130-140 पशु हैं। स्थानीय लोगों कि मानें तो बाहर के अधिकतर लोग बेसहारा पशुओं को यहां कर छोड़ जाते है। जिसके चलते लोग परेशानियों को झेल रहे हैं। लोगों में राजेश शर्मा, विजय कुमार, सुधीर कुमार, संजीव कुमार, किशन कुमार, रोहित कुमार, रीना देवी, सुनील कुमार, राजिंद्र कुमार, सुदर्शन सिंह, परवेश कुुमार, राजीव कुमार किसानों कहना है कि बेसहारा पशुओं का कोई समाधान किया जाए ताकि फसलें भी बचे और दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लग सके। उधर, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि थानाकलां पंचायत में गोकल ग्राम का कार्य जोरों पर चला हुआ है। एक वर्ष के अंतराल में शीघ्र ही बेसहारा गोवंश को वहां भेज दिया जाएगा।