Sunday, November 17, 2019 03:25 PM

दक्षिण कोरिया में छाए नरवीर चौहान

सियोल सम्मेलन में जन्म विसंगतियों पर प्रस्तुत किया शोध

कांगड़ा - सियोल में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय रेडियोलॉजी सम्मेलन केसीआर-2019 में डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा के रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डा. नरवीर चौहान ने जन्म विसंगतियों का पता लगाने में एमआरआई की महत्त्वता पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। सितंबर माह में दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित हुई इस इंटरनेशनल कान्फ्रेंस में विश्व भर से लगभग एक हजार शीर्ष रेडियोलॉजिस्ट ने भाग लिया था। डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा के पिं्रसीपल डा. भानू अवस्थी ने डा. नरवीर सिंह चौहान को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने बताया कि सियोल में आयोजित हुई इस कान्फ्रेंस में एमआरआई के बीमारियों की जांच को लेकर प्रदर्शित किए गए शोध पत्र की सराहना की गई है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए डा. नरवीर सिंह चौहान सहित रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के हैड डा. दिनेश को भी बधाई दी। विभिन्न कारणों के कारण हमारे राज्य में जन्म विसंगतियां बढ़ रही हैं और एमआरआई उनका पता लगाने और प्रबंधन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। टीएमसी में लोगों को यह विशेष और आधुनिक तकनीक की सुविधा प्रदान की जा रही है।   अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनके द्वारा विकसित एक अग्रणी कम खुराक सीटी तकनीक पर आधारित दो अन्य शोध पत्र वैज्ञानिक प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ रेडियोलॉजी फोटो प्रतियोगिता में रेडियोलॉजी के कोरियाई समाज द्वारा डा. नरवीर सिंह चौहान को  रजत पदक से भी सम्मानित किया गया। डा. चौहान ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय संस्थान के प्रधानाचार्य डा. भानू अवस्थी, विभागाध्यक्ष डा. दिनेश और पूरे विभागीय कर्मचारियों को दिया है।