Sunday, November 17, 2019 03:20 PM

दशहरा उत्सव कमेटी को 70 लाख की बचता

अंतरराष्ट्रीय दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं वन मंत्री के साथ उपायुक्त व कमेटी सदस्यों को दी शाबाशी

कुल्लू -अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की स्टार नाइट के कलाकारों को खर्च होने वाली लाखों की राशि को दशहरा समिति ने बचाया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धन राशि की बचत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के साथ-साथ उपायुक्त कुल्लू डा. ऋचा वर्मा और अन्य कमेटी के सदस्यों को शाबाशी दी।  उन्होंने कहा कि कलाकारों को लाखों रुपए की राशि स्पोंसर के माध्यम से देने के लिए जो प्रयास किए, यह बेहतरीन है, इससे दशहरा उत्सव की खजाना खाली नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा कमेटी ने लगभग 70 लाख रुपए की बचत की है, जो दशहरा से प्राप्त आय से जानी थी। उन्होंने कहा कि वालीबुड कलाकार सोनू निगम और सुरेश वाडेकर को स्पोंसर के माध्यम से लाखों रुपए की राशि दी गई। अंतरराष्ट्रीय दशहरा समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह ठाकुर ने घाटी के समृद्ध देव संस्कृति के संरक्षण में गहरी रुचि के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस साल कुल्लू दशहरा को यादगार बनाने के लिए कई अभिनव कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक रातों के दौरान स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अधिकतम अवसर प्रदान किए गए। मंत्री ने कहा कि इस बार दशहरा उत्सव में सबसे ज्यादा देवी-देवता पहुंचे, जिनकी संख्या 280 रही। उन्होंने कहा कि इस बार दशहरा उत्सव में देवधुन मुख्य आकर्षण में रही है। जिसमें जिला कुल्लू के देवी-देवताओं के साथ आए 2200 बजंतरियों ने भाग लिया।  विश्व शांति के लिए देवधुन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, इससे पहले महानाटी हुई। जिसमें 4000 महिलाओं ने भाग लिया। वहीं, दशहरा उत्सव में महाआरती का आयोजन किया गया। जिसमें 101 पंडितों ने भाग लिया। वहीं, खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें बाहर से भी टीमें आई थी, विजेता टीमों को नगद पुरस्कारों के साथ सम्मानित किया गया। मंत्री ने कहा कि  जहां लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में वालीबुड कलाकारों ने कार्यक्रम दिए। वहीं, हिमाचली कलाकारों को भी इस मंच पर गाने का मौका दिया गया है। मंत्री ने कहा कि 409 स्थानीय कलाकारों ने इस बार दशहरा उत्सव में अपनी प्रस्तुतियां दी। वहीं, मुख्यमंत्री को युवा लेखक, वास्तुकार और पारंपरिक काठकुणी घर में विशेषज्ञ राहुल भूषण द्वारा लिखित, पश्चिमी हिमालय-एक तुलनात्मक अध्ययन में एक पुस्तक स्वदेशी भवन अभ्यास प्रणाली प्रस्तुत की गई।