Friday, October 18, 2019 04:51 PM

दस करोड़ से निखरेंगे राजधानी के स्कूल

केंद्र सरकार से बजट आने के बाद एसएसए जारी करेगा किस्त, सभी सरकारी स्कूलों को स्टार के तहत मिलेगा बजट

शिमला -राजधानी शिमला के लगभग दो हजार से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट सुविधाएं दी जाएंगी। इन स्कूलों को केंद्र सरकार के स्टार प्रोजेक्ट के तहत दस करोड़ की राशि पांच साल तक मिलती रहेगी। केंद्र सरकार से बजट अप्रूव हो गया है। वहीं केंद्र से बजट आने के बाद एसएसए अगले वर्ष से शिमला के स्कूलों को बजट जारी कर देगा। बता दें कि हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर जमा दो तक शिक्षा के क्षेत्र में अब अपार विकास किया जाएगा। अहम यह है कि हिमाचल की समग्र शिक्षा को हर साल एमएचआरडी सौ करोड़ का बजट जारी करेगा। जानकारी के अनुसार एमएचआरडी ने हिमाचल को पांच साल के लिए 500 करोड़ की ग्रंाट अप्रूव भी कर दी है। यही वजह है कि एसएसए ने जिला वाइज बजट आबंटन को लेकर भी रिपोर्ट तैयार कर दी है, जिसमें शिमला जिला के स्कूल भी शामिल हैं। पांच साल तक करोड़ांे का यह बजट कहां खर्च किया जाएगा, इसकी गाइडलाइन भारत सरकार ने तय कर दी है। भारत सरकार की गाइडलाइन के बाद ही एसएसए ने जिला वाइज बजट की कितनी ग्रांट देनी है, यह भी तय कर दिया है। दरअसल हर साल सौ करोड़ का यह बजट 15 हजार सरकारी स्कूलों में छात्रों के लर्निंग आउट कम्स प्लान का विकास करेगा। यानी प्री नर्सरी के छात्रों को भी स्मार्ट सुविधाएं देने के लिए यह बजट खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही स्कूलों के असेसमेंट सिस्टम और नेशनल अचीवमेंट सर्वे में हिमाचल के छात्रों की प्रोग्रेस अच्छी रहे, इस मकसद से छात्रांें की पढ़ाई में इस तरह से बदलाव किया जाएगा। इसके साथ ही समग्र शिक्षा से मिलने वाले एक्स्ट्रा करोड़ों के बजट का इस्तेमाल स्कूल टू वर्क यानी वोकेशनल कोर्स में सुधार करने को लेकर भी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि केंद्र से करोड़ों का बजट आने के बाद डाइट और बीआरसीसी में सुधार किया जाएगा। इसके साथ स्कूल, छात्र व शिक्षकों का ऑनलाइन डाटा करने को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। एमएचआरडी ने यह गाइडलाइन समग्र शिक्षा के तहत आने वाले नए बजट को खर्च करने को लेकर तैयार की है। बता दें कि समग्र शिक्षा को हर साल करोड़ों का बजट भी अलग से दिया जाता है। ऐसे में यह शिक्षा को लेकर एमएचआरडी द्वारा दूसरी योजना के तहत दिए जाने वाला बजट शिक्षा के क्षेत्र में बहुत विकास करेगा। इसके तहत अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर  शिक्षा छात्रों को दी जाएगी। सरकारी स्कूलों को स्टार प्रोजेक्ट के अंतर्गत लाया जाएगा। स्टार प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों को मॉडल बनाने के लिए एक्स्ट्रा बजट दिया जाएगा। दस करोड़ का बजट मिलने के साथ ही स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं और छात्रों को पढ़ाई के लिए ऑनलाइन मेटीरियल दिया जाएगा।

खराब हालत वाले स्कूलों से किया जाएगा कॉन्टेक्ट

एसएसए ने निर्देश दिए हैं कि जिला के जिन स्कूलों को सबसे ज्यादा बजट की आवश्यकता है। उन स्कूलों की सूची भेजी जाए, ताकि पहले उन स्कूलों को बजट भेजा जा सके, जिन्हें सबसे ज्यादा आवश्यकता है।