Tuesday, June 15, 2021 11:49 AM

दस दिन तक नहीं होंगे लालपरी के दर्शन

कोविड प्लान में गैर-सरकारी संस्थाओं को न जोडऩे पर नीति आयोग नाराज, उपायुक्तों को जारी किए निर्देश

स्टाफ रिपोर्टर- भुंतर कोरोना संक्रमण के संकट को कम करने के मिशन की प्लानिंग से गैर-सरकारी संस्थाओं को आउट करने पर नीति आयोग नाराज है। नीति आयोग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर गैर-सरकारी संस्थाओं को कोविड-19 से निपटने के अभियान में जोडऩे और इसके लिए विशेष एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र सभी प्रकार की सुविधाओं सहित स्थापित करने व एक नोडल अधिकारी तैनात करने के फरमान देते हुए रिपोर्ट देने को कहा है। लिहाजा, जो गैर-सरकारी संस्थाएं कोविड-19 आपदा से लडऩे में सरकार का साथ देने की क्षमता रखती हैं, उन्हें भी अहम जिम्मा अब मिलने वाला है। बता दें कि प्रदेश में भी अब तक जो दिशा-निर्देश कोविड-19 के संकट से उबरने के लिए दिए गए हैं, उसमें भी गैर-सरकारी संस्थाओं को खास जिम्मेदारी नहीं दी गई है। प्रदेश में राज्य व हर जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन इंटर एजेंसी समूहों को भी बनाया गया है, लेकिन इनके साथ भी कोई को-आर्डिनेशन नहीं दिख रहा है। जानकारी के अनुसार पांच मई को नीति आयोग के तहत पंजीकृत गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ ऑनलाइन बैठक आयोग ने की है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संस्थाओं ने कोविड-19 से निपटने की योजना में संस्थाओं की उपेक्षा का मामला उठाया था। जानकारी के अनुसार इसी पर आयोग ने सख्त नाराजगी जाहिर की है और गुरुवार को नए दिशा-निर्देश सभी उपायुक्तों को जारी किए हैं।

इन निर्देशों के अनुसार को-आर्डिनेशन मैकेनिजम स्थापित करने को कहा गया है जो ग्रास रूट से जिला स्तर पर कार्य करेगा। संस्थाओं को अस्पताल सुविधा, बैड के लिए मदद, ऑक्सीजन सुविधा प्रदान करने, ऑक्सीजन सप्लाई व ऑक्सीजन बैंक तैयार करने, एंबुलेंस सुविधा, अस्पताल के वेटिंग क्षेत्र में सुविधा जुटाने, होम आइसोलेशन और गरीब व विशेष जरूरत वाले लोगों को भोजन, अनाथ बच्चों की देखभाल, मनोसामाजिक व मेडिकल काउंसिलिंग, वैक्सीनेशन अभियान व मदद, शवों को दफनाने या जलाने तथा अन्य सेवाओं का सहयोग लेने को कहा गया है। इसके अलावा सरकार के निर्देशों को समझाने व प्रसार, सूचनाओं, कोविड उपयुक्त व्यवहार, टेस्टिंग, आइसोलेशन, इलाज तथा कोविड उपरांत देखभाल सहित जिला स्तर पर कोविड प्रबंधन हेतु मजबूत डाटा बेस तैयार करने तथा अन्य मसलों से संबंधित जिम्मा देने को कहा गया है। एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र में सभी प्रकार की सुविधाओं के अलावा संस्थाओं की ओर से नामित पूर्ण कालिक कॉडिनेटर भी सेवा देगा। एनडीएमए के जॉइंट एडवायजर नवल प्रकाश द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह केंद्र कोविड के अलावा भविष्य में अन्य आपदाओं के दौरान भी सेवा देता रहेगा।

कुल्लू के बाजारों में जरूरी सामान की खरीददारी की लगी होड़

निजी संवाददाता — कुल्लू शुक्रवार से कोरोना करफ्यू के चलते गुरुवार को कुल्लू के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। लोग सुबह से ही देर शाम तक बाजारों में इस कद्र से खरीददारी करने के लिए पहुंचे मानों जैसे लॉकडाउन करीब छह माह के लिए लग गया हो, जिस तरह से लोग दुकानों में खरीददारी कर रहे थे। इससे तो यही जाहिर हो रहा था। कोई ऐसी किराने की दुकान नहीं थी जहां पर लोग खरीददारी के लिए उमड़े न हों। यही नहीं, यहां तो मंजर कहीं जगह पर ऐसा भी देखने को मिल रहा था कि लोग अपनी गाडिय़ों में भर-भर कर सामान कई महीनों का खरीद रहे थे। सुबह से देर शाम तक दुकानदार भी सामान देते-देते थकते हुए दिखे और लोगों को समझाते हुए भी दिखे कि वे घबराएं न सामान की किसी तरह से कोई कमी नहीं है, जब मर्जी आकर आसानी से खरीददारी कर सकते हैं। यही नहीं, यहां मेडिकल स्टोर में भी लोग दवाइयां लेने के लिए पहुंचे, ताकि महीने का स्टॉक कर लें।

हालांकि मेडिकल स्टोर वाले भी ग्राहकों को यहां बोलते हुए दिखे कि दवाई की कोई कमी नहीं है। रूटीन की तरह आकर ले सकते हैं। यूं स्टॉक कर न रखें, जब जरूरत है तभी लें, लेकिन जनता है मानती नहीं। कोरोना कफ्र्यू हालांकि आठ दिनों के लिए ही लगा है। इस बार ढील भी काफी अधिक है। बावजूद इसके लोगों में खरीददारी को लेकर अफरा-तफरी का मौहल भी देखने को मिला। खरीददारी को लेकर निकले लोगों के चलते यहां दिनभर जाम की स्थिति भी कई जगहों पर बनी रही। ट्रैफिक पुलिस को भी दिनभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, कुल्लू शहर सहित भुंतर, बजौरा, मनाली, पतलीकूहल, डोभी, नगवार्इं, बंजार, आनी के बजारों में भी लोग खरीददारी के लिए काफी संख्या में बाजारों में पहुंचे।

गांधी हेल्पलाइन शुरू

पतलीकूहल। लाहुल-स्पीति कांग्रेस कमेटी ने कोविड संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के लिए केलांग में गांधी हेल्पलाइन की शुरुआत की है। ब्लॉक कांग्रेस उदयपुर के अध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के दिशा-निर्देश के तहत गुरुवार से गांधी हेल्पलाइन सेवा आरंभ की गई है और जरूरत पडऩे पर लोगों को 9418205833 राजेश बाबा और 9418774313 सुनील सिंदवाड़ी से संपर्क साधने को कहा है। इस अवसर पर कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष ज्ञालछन ठाकुर ने बताया कि इस महामारी के दौरान कांग्रेस पार्टी भी प्रदेश सरकार के साथ है। इस मौके पर उदयपुर हेल्पलाइन के इंचार्ज राजेश बाबा, सुनील, सुरेश, देवी सिंह, सुनील, आशु थिरोटी और जगदीश आदि उपस्थित रहे।

आवश्यक वस्तु-सेवाओं की आपूर्ति रहेगी बहाल, कुछ व्यावसायिक-औद्योगिक संस्थान भी रहेंगे खुले

निजी संवाददाता — कुल्लू प्रदेश में सात से 16 मई तक कोरोना कफ्र्यू के तहत सरकार द्वारा कुछ बंदिशें लगाई जा रही हैं। इसके तहत लोग सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, बेवजह घर से न निकलें। इसके अलावा प्रशासन का भी लोग सहयोग करें। उपायुक्त कुल्लू डा. ऋचा वर्मा ने उपायुक्त कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि शाम छह बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी। शाम छह बजे के बाद केवल दवा की दुकानें खुली रहेंगी। आवश्यक वस्तुओं के तहत राशन, फल-सब्जी, दूध- दही आदि की दुकानें खुली रहेंगी। हार्डवेयर की दुकानें भी खुली रखने के निर्देश सरकारी की ओर से जारी किए गए हैं। शराब की दुकानें भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा पांच लोगों से ज्यादा लोग एक स्थान पर एकत्र नहीं हो सकते। निजी तथा सरकारी निर्माण कार्य जारी रहेगा। सार्वजनिक परिवहन भी 50 फीसद क्षमता के साथ चालू रहेगा। इसके अलावा निजी वाहन भी लोग आवश्यक गतिविधी के लिए प्रयोग कर सकेंगे, लेकिन इसमें भी 50 फीसदी क्षमता के साथ ही लोग बैठ सकेंगे। होटल और रेस्त्रां भी खुले रहेंगे। इनको होम डिलीवरी के साथ सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मनरेगा आदि में भी मजदूरी का काम जारी रहेगा। उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा ने कहा कि शादी और दाह संस्कार के अलावा किसी भी प्रकार के कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसमें भी 20 से ज्यादा लोग भाग नहीं ले सकेंगे। यदि लोग इस नियम का पालन नहीं करते हैं तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाहर से आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट देनी होगी और कोविड पोर्टल पर पंजीकृत होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन बनने पर नियम और सख्त करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु वाहनों को रोका नहीं जाएगा। औद्योगिक इकाइयां चालू रहेंगी। कफ्र्यू के दौरान जो संस्थान खुले रहेंगे, उन्हें हर हाल में कोरोना प्रोटोकॉल को सख्ती से पालन करना पड़ेगा। उपायुक्त ने कहा कि आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले सरकारी कार्यालयों के अलावा अन्य सभी सरकारी और निजी कार्यालय बंद रहेंगे, जो कार्यालय बंद होंगे, उन्हें वर्क फ्रोम होम करना होगा। कृषि बागबानी से संबंधित कार्य करने के लिए लोगों को छूट रहेगी। इसके अलावा बैंक, पोस्ट ऑफिस और एटीएम भी चालू रहेंगे। डा. ऋचा वर्मा ने कहा कि जो लोग नियमों को नहीं मानेंगे उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 से 60 और अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी लोगों से कोरोना से जुड़े सभी नियमों के पालन की जिला वासियों से अपील की।

ट्रकों के निकलते ही शुरू हो जाएगी मनाली-लेह मार्ग पर गाडिय़ों की आवाजाही

गिरीश वर्मा — पतलीकूहल 21 अप्रैल को बर्फबारी के चलते ट्रकों को बारालाचा दर्रे में छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए चालक अब दर्रे में पहुंचना शुरू हो गए हैं। बीआरओ ने मनाली लेह मार्ग बहाल कर लिया है, लेकिन 20 से अधिक ट्रकों के दर्रे में ही फंसे होने के कारण वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं ही पाई है। बीआरओ द्वारा सूचना मिलते ही सभी ट्रक चालक दर्रे में पहुंच गए हैं। गुरुवार सुबह से ही बीआरओ इन ट्रकों को निकालने में जुटा रहा। बीआरओ द्वारा मनाली लेह मार्ग बहाली की खबर सुनते ही लेह जाने वाले ट्रक मनाली की ओर से दारचा पहुंचना शुरू हो गए हैं, जबकि 20 अप्रैल को लेह गए ट्रक भी वापस आने की तैयारी में हैं और लेह के उपसी पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार उपसी में रुके हुए ट्रक भी सरचू की ओर चल पड़े हैं और बारालाचा दर्रे में फंसे ट्रकों के निकलते ही आठ मई को मनाली आ सकते हैं। लेह से आने वाले वाहनों के दारचा में पहुंचने के बाद ही मनाली की ओर से वाहनों का काफिला लेह भेजा जाएगा। लाहुल-स्पीति पुलिस लगातार वाहन चालकों व लेह आने जाने वालों से सोशल मीडिया द्वारा जुड़ी हुई है और सभी को पल-पल की जानकारी दे रही है। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि ट्रक चालक बारालाचा दर्रे में पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बीआरओ दिन भर ट्रकों को निकालने में जुटा रहा। कमांडर ने उम्मीद जताई कि आठ मई तक मनाली लेह मार्ग में वाहनों की आवाजाही सुचारू कर ली जाएगी। (एचडीएम)

मरीजों व तीमारदारों को हो रही दिक्कत; प्रबंधन को जानकारी तक नहीं, लापरवाही पर लोगों में गुस्सा

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर जिला कुल्लू के तेगुबेहड़ अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों को मिलने वाली शौचालय सुविधा पर अस्पताल प्रबंधन ने ताला लटका दिया है। ताला लटकने से मरीजों को शौच जाने में दिक्कतें हो रही हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही इस कदर है कि ताला खुलवाने का भरोसा दिलाने के बजाया धौंस जमाने पर तुला है। अस्पताल के लापरवाह रवैये के कारण लोगों को दिक्कतें हो रही है तो बाहर से शौच करके अस्पताल भी जाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार हालांकि अस्पताल में और भी शौचालय है, लेकिन कई लोग उसे केवल स्टाफ का शौचालय होने का मानकर शौच जाने से घबराते हैं। तेगूबेहड़ अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये को लेकर लोगों में नाराजगी भी है। हैरानी तो इस बात की भी है कि शौचालय बंद क्यों पड़ा है इसके भी कारण लोगों को नहीं बताए जाते हैं।

लोगों का सवाल यह है कि जिस अस्पताल को सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए बनाया है उसे अस्पताल के कुछ लोग अपनी खैरात मान बैठे हैं और लोगों को परेशान करने में तुले हुए हैं। तेगुबेहड़ अस्पताल इसके बनने के बाद से ही विवादों व चर्चा में रहा है और अब शौचालय की सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण पहले से ही लोगों को परेशानी हो रही है और दिक्कतें उठानी पड़ रही है तो अब यहां पर दूसरी लापरवाही का भी खुलासा हो रहा है। बता दें कि गत दिन एक सामाजिक संगठन ने भी अस्पताल का दौरा किया था और यहां पर हो रही परेशानियों को जाना था। जय हिमाचल वीर कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष बलदेव ठाकुर ने बताया अस्पताल में स्वच्छता की स्थिति खराब है और पुरुष शौचालय पर ताले लगाए हुए है। उन्होंने कहा कि वैसे तो स्वच्छता तो लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन अस्पतालों में ही स्वच्छता का जो स्तर है वह चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इस बारे में सरकार से आग्रह किया जाएगा और व्यवस्था को बेहतर करने की मांग की जाएगी। उधर, जरी की खंड स्वास्थ्य अधिकारी डा. सपना शर्मा ने शौचालयों के बंद होने को लेकर अनभिज्ञता जताई तो हैरानीजनक तौर पर यह कह दिया कि इसके पीछे कुछ कारण होंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि इसके कारणों को जाना जाएगा, ताकि इन्हें प्रयोग के लिए खोला जा सके। बहरहाल, तेगुबेहड़ अस्पताल में शौचालयों पर ताले लटके हैं तो प्रबंधन को इसका पता तक नहीं है।

कफ्र्यू के चलते आज से 16 मई तक बंद रहेंगे ठेके, अपना कोटा खरीदने दुकानों पर पहुंचे शौकीन

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर कोरोना काल के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे शराब के ठेके करीब दस दिन के लग रहे कफर््यू से पहले गुरुवार को व्यस्त रहे। शुक्रवार से लग रहे लॉकडाउन के दौरान सभी शराब के ठेके व अहाते बंद रहेंगे। लिहाजा, लालपरी के कई शौकीनों ने गुरुवार को ही अपना कोटा खरीद लिया है, जिससे उन्हें दिक्कत का सामना न करना पड़ सके। बता दें कि गत वर्ष भी लॉकडाउन के दौरान करीब एक माह से अधिक समय तक शराब के ठेके बंद रहे थे, जिससे शराब के शौकीनों को खूब परेशानी हुई थी ओर तो ओर जब लॉकडाउन के बाद जैसे ही ठेके खुले तो यहां पर लाइनें खूब लंबी लगी थीं। इस बार अब लोग पहले से ही चौकस हैं। कफर््यू के दौरान अब कोरोना संक्रमण की चेन टूटने वाली है तो लोगों को आस है कि इससे प्रदेश में संक्रमण के मामलों में कमी आ सकती है और इसी कारण लॉकडाउन को लेकर पिछली बार की तरह की प्रतिक्रिया भी लोगों में नहीं है और फैसले को सही बताया जा रहा है।

जिला कुल्लू के भुंतर सहित अन्य स्थानों पर गुरुवार को कई लोग लॉकडाउन की खबर सुनने के बाद करीब एक सप्ताह के लिए जरूरी सामान खरीदते हुए नजर आए। शराब के ठेकों पर भी आम दिनों की तुलना में ज्यादा लोग नजर आए। लॉकडाउन को लेकर जो निर्देश जारी हुए हैं, उसके अनुसार जरूरी चीजों की दुकानें इस दौरान खुली रह सकती है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से इस बारे में नए निर्देशों को लेकर लोग इंतजार कर रहे हैं और उसके बाद ही जिला स्तर पर सभी प्रकार की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जिला कुल्लू सहित प्रदेश भर में पिछले दिनों में कोरोना संक्रमण की गति तेज हुई है और इसी से निपटने के लिए अब नई बंदिशों को लगाया जा रहा है। नई बंदिशों के तहत कुछ सेवाओं पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है तो कुछ सेवाएं आंशिक तौर पर और शर्तों के तहत खुली रहेंगी। स्वास्थ्य सेवाएं इस दौरान पूरी तरह से मौजूद रहेंगी और इस पर पाबंदी नहीं होगी। भुंतर के कारोबारियों संदीप कुमार, संजय कुमार, सोनू ठाकुर, जय प्रकाश, गगन ठाकुर आदि ने बताया कि लॉकडाउन लगने से पहले गुरुवार को कई लोग दस दिनों के लिए सामान की खरीददारी करते हुए नजर आए ताकि कोई परेशानी न हो सके।