दांतों के डाक्टर के बाद करियर

नए प्रोफेशन

समाज में चिकित्सा क्षेत्र का बड़ा विशेष महत्त्व है। जिसमें से हमारे जीवन में दांतों का बहुत महत्व होता है। डेंटिस्ट अपने मरीजों के मुख, दांत, गम, ओरल कैविटी जैसी समस्याओं का निदान करता है। लोग आज सुंदर चेहरे के साथ-साथ सुंदर दांत भी चाहते हैं। डेंटिस्ट कॉस्मेटिक डेंटल प्रक्रियाओं के द्वारा मरीजों के दांतों की खूबसूरती बढ़ाते हैं।कैसे बने डेंटिस्ट बनने के फिजिक्स, केमेस्ट्री और बॉयोलॉजी विषय के साथ 12वीं कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी है। इसके बाद आपको चार वर्षीय बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) पढ़ाई करनी होती है।इसके अलावा राज्य स्तर पर भी परीक्षाओं के माध्यम से बीडीएस में प्रवेश पाया जा सकता है। डिग्री हासिल करने के बाद एक साल की इंटर्नशिप होती है। बीडीएस ग्रेजुएट मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (एमडीएस) कर सकते हैं। एक दंत चिकित्सक बनने के लिए आपको 4 वर्ष की बीडीएस की पढ़ाई करनी होती है।,लेकिन छात्रों में उलझन होती है कि बीडीएस करने के बाद क्या करें?इस क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों प्रकार के संस्थानों में रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।बीडीएस के बाद भारत में रोजगार के अवसर परंपरागत रूप से बड़ी संख्या में छात्र बीडीएस की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए तीन वर्ष का मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (मडीएस) करना पसंद करते हैं। एमडीएस की पढ़ाई के दौरान हम विशेषज्ञता की तरफ  बढ़ते हैं। एमडीएस करने के बाद आपको सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में अच्छा वेतन भी मिलता है।बीडीएस के बाद आप किसी संस्था में अध्यापन कार्य कर सकते हैं। यह बेहद ही जिम्मेदारी भरा क्षेत्र हैं , लेकिन इसमें अच्छा वेतनमान नहीं मिलता। सामान्यतः इसमें आपको 2 लाख से 2.5 लाख तक का वार्षिक वेतनमान मिलता है।शॉर्ट सर्विस कमीशन द्वारा आप इंडियन आर्मी में भी डेंटिस्ट के रूप में भर्ती हो सकते हैं। यह बेहद ही प्रतिष्ठित जॉब है। इसमें न सिर्फ अच्छा वेतनमान मिलता है, बल्कि विभिन्न प्रकार की सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं।

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