Friday, December 13, 2019 07:08 PM

दीक्षांत समारोह…इस बार नहीं मिलेगी मानद उपाधि

शिमला एचपीयू के दीक्षांत समारोह में इस बार मानद उपाधि का सम्मान किसी को प्रदान नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन नेे इस उपाधि से सम्मानित करने के लिए किसी भी व्यक्ति के नाम पर मोहर नहीं लगाई है। ऐसे में इस बार भी कोई भी मानद उपाधि प्राप्त करता नजर नहीं आएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार किसी को भी इस सम्मान से न नवाजे जाने का निर्णय लिया है। इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला, पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर को मानद उपाधि से स मानित किया गया था, जबकि दलाई लामा को डी.लिट की मानद उपाधि प्रदान की गई थी। दीक्षांत समारोह को लेकर 28 नवंबर को एचपीयू में रिहर्सल होगी। इस रिर्हसल में आने वाले छात्रों को ही समारोह में आने की अनुमति होगी। एचपीयू ने दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। कुलपति ने विभिन्न ब्रांचों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी इस समारोह के लिए लगा दी है। वहीं दीक्षांत समारोह की तैयारियों की अपडेट समय - समय पर कमेटी को सौंपने के आदेश भी जारी किए है। बता दें कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नवाजे जाने वाले सभी अभ्यार्थियों को आना अनिवार्य होगा। प्रदेश विश्वविद्यालय में 29 सितंबर को होने जा रहे दीक्षांत समारोह में सत्र 2017 व 2018 के होनहारांे को डीलीट डिग्री व पीएचडी डिग्री से नवाजा जाएगा। वहीं सत्र 2017-18 के मेधावियों को गोल्ड मेडल देकर सम्मान्नित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह से पूर्व 28 नवंबर को रिहर्सल आयोजित की जाएगी। ये रिहर्सल प्रदेश विश्वविद्यालय के सभागार में सुबह 10 बजे से शुरू की जाएगी।  इस दौरान अभ्यार्थियों को डे्रस के साथ रिहर्सल करवाई जाएगी। साथ ही सभागार में सीटींग सिस्टम को लेकर भी बताया जाएगा, ताकि अपनी बारी आने पर अभ्यार्थि स्टेज पर डिग्री प्राप्त करने जाए। दीक्षांत समारोह के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों की भी रिहर्सल करवाई जाएगी। हालांकि दीक्षांत समारोह के लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डे्रस कोड गाउन ही रहने वाला है। हर साल की तरह पूराने ड्रेस कोड पहनकर ही मेधावी मुख्यअतिथि से डिग्रियां व डिप्लोमा लेंगे। हालांकि ड्रेस कोड पर आगामी दिनों में स्थिति साफ हो पाएगी, लेकिन सूत्रांे की मानंे तो संभवतः गाउन के साथ इस बार भी दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा सकता है। यहां बता दंे कि प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से बीते दो वर्षों में  पहाड़ी ड्रैस कोड में दीक्षांत समारोह करवाने की योजना सीरे नहीं चढ पाई है, जबकि दीक्षांत समारोह के लिए पहाड़ी ड्रेस कोड का डिजाइन तैयार कर लिया गया था, फिलहाल इसे लेकर कुछ औपचारिकताएं रहती हैं।