Thursday, November 14, 2019 02:20 PM

दुधारू पशुओं का पंजीकरण जरूरी

ऊना - जिला में दुधारू गाय व भैंसों को चिन्हित करने के लिए टैग लगाने का काम शुरू हो गया है। ग्र्राम पंचायत अपर बसाल निवासी नरेश कुमार के डेयरी फार्म में चार गउओं को विशेष प्रकार के टैग लगाकर इसका शुभारंभ किया गया। यह काम केंद्र व हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्त्वकांक्षी योजना पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य के लिए सूचना नेटवर्क (इनाफ) के अंतर्गत किया जा रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए उपनिदेशक पशु पालन विभाग डा. जय सिंह सेन ने बताया कि योजना के अंतर्गत सभी दुधारू गाय व भैंसों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। दुधारु पशुओं को 12 डिजिट के यूनिक पहचान नंबर (यूआईडी) के साथ प्लास्टिक टैग विधि से पहचान की जा रही है। चिन्हित पशुओं के डाटा इनाफ ऐप के डाटाबेस पर अपलोड किया जा रहा है। इस ऐप के जरिए पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान का पूरा ब्यौरा रखा जा सकेगा, जिससे पशुओं की नस्ल को सुधारने में सहायता मिलेगी। साथ ही इसकी मॉनिटरिंग शिमला से लेकर दिल्ली में बैठकर कहीं भी की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग व जरूरी सामग्री प्रदान कर दी गई है। उन्होंने सभी पशुपालकों से इस योजना को सफल बनाने की अपील की है। इस अवसर पर डा. सुरेश धीमान सहायक निदेशक (परियोजना), डा. उपेंदर शर्मा सहायक निदेशक (प्रसार), डा. राकेश भट्टी वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी ऊना, डा. परमेश डोगरा पशु चिकित्सा अधिकारी बसाल, सुशील कुमार, रजत व दीपक उपस्थित रहे।