Tuesday, October 15, 2019 02:21 PM

देवभूमि पर उतरा स्वर्ग

भगवान रघुनाथ की शोभायात्रा से अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का आगाज

कुल्लू - देवभूमि कुल्लू में विश्व के सबसे बडे़ देव समागम यानी अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का आगाज भगवान रघुनाथ जी की अलौकिक रथयात्रा और अनूठे देव-मानस मिलन के साथ मंगलवार को हुआ। ठीक साढ़े चार बजे रथ मैदान से रथयात्रा तब शुरू हुई, जब भेखली की माता भुवनेश्वरी से इसे रवाना करने का संकेत मिला। हजारों की संख्या में लोग भगवान रघुनाथ की रथयात्रा के साक्षी बने। यही नहीं, सोशल मीडिया के जरिए सात सामंदर पार के लोगों ने भी यहां की रथयात्रा के आध्यात्मिक नजारे देखे। इस देव महाकुंभ के नजारे के राज्यपाल आचार्य बंडारू दत्तात्रेय, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं प्रदेश विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति डीसी चौधरी, दशहरा कमेटी के अध्यक्ष एवं वन, परिवहन, खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर सहित देश-दुनिया के हजारों श्रद्धालु साक्षी बने। भव्य देव महाकुंभ को देखने के लिए प्रदेश की कई नामी हस्तियां भी यहां पर पहुंची। सदियों से चली आ रही रस्मों को निभाने के साथ ही इस देव महाकुंभ का आगाज हुआ। हजारों की संख्या में लोगों ने अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ के रथ को खींचकर पुण्य भी कमाया। इतना ही नहीं, विदेशी सैलानी भी इस अद्भुत व अलौकिक नजारे को अपने कैमरे में कैद करने के लिए उत्साहित नजर आए। ढोल -नगाड़ों की थाप के साथ ढालपुर गूंज उठा। भगवान रघुनाथ के साथ देवी-देवताओं की शक्तियां वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ चारों तरफ  फैलीं तो हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने अपने आप में यह महसूस किया कि सचमुच उन्हें प्रगट रूप में आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। प्राचीन वाद्य यंत्रों ढोल, नगाड़ों, नरसिंगों, करनाल, भाणा, घंटी, कणसी की देव स्वरलहरियों पर ढालपुर में हुए भव्य देव मिलन ने हजारों लोगों को स्वर्गलोक जैसी अनुभूति करा दी। हजारों लोगों ने अपने-अपने ईष्ट देवी-देवताओं के आगे सिर झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आस्था के इस सैलाब में हर कोई राम रंग में ही रंगा नजर आया। अपनी ही धुन में नाचते देवलुओं ने रघुनाथ की भव्य रथयात्रा में आए हुए देवलुओं में भी जोश भर दिया। भगवान राघव की विस्मृत कर देने वाली इस भव्य रथयात्रा में देवी हिडिंबा, बिजली महादेव, ज्वाणी महादेव, देवता नाग धूमल समेत अट्ठारह करड़ू देवताओं ने भाग लिया और इस सबसे बड़े देव समागम में चार चांद लगा दिए। दूसरी ओर पिछले कई सालों से चले आ रहे धुर विवाद को इस बार भी टालने के लिए देवता शृंगाऋषि और देवता बालू नाग के साथ पुलिस प्रशासन का पहरा रहा। ये दोनों ही देवता भगवान रघुनाथ की रथयात्रा का हिस्सा नहीं बन पाए। भगवान रघुनाथ की इस अद्भुत, अलौकिक, अद्वितीय रथयात्रा में घाटी के काफी संख्या में देवी-देवताओं ने हिस्सा लेकर रथयात्रा की शोभा को बढ़ा दिया। रथयात्रा में पुलिस प्रशासन का रक्षा घेरा भी काफी मजबूत रहा। रथ मैदान दोपहर बाद भी एक छावनी जैसा रहा, लेकिन आस्था का सैलाब सुरक्षा घेरे पर भारी पड़ता हुए दिखाई दिया। भेखली की माता भुवनेश्वरी का संकेत मिलते ही दोपहर बाद रथ यात्रा शुरू हुई। रथ यात्रा में काफी संख्या में देवी-देवताओं ने भाग लिया।