Sunday, March 24, 2019 04:27 PM

देश सेवा सबसे बड़ा सुकून

जवाली—हिमाचल प्रदेश ने न केवल एक सैनिक, बल्कि एक पहाड़ी लेखक व गायक, अच्छे कबड्डी खिलाड़ी को भी खोया है। माता बिमला-पिता लायक राम ने अपना लाल, पत्नी सावित्री ने अपना सुहाग, बेटों विहान व विवान ने अपना बाप खोया है। सब कुछ शहीद की शहादत के साथ ही सुपुर्द-ए-खाक हो गया। अब मात्र गानों व शूटिंग में ही शहीद को सुन व देख सकेंगे। शहीद हवलदार तिलक राज ने तकरीबन आधा दर्जन पहाड़ी गानों को खुद ही लिखा है और खुद ही शट व गानों को अपनी आवाज दी है। शहीद तिलक राज खेलों को करवाने में भी काफी रुचि रखते थे। अभी भी वह जब घर पर आए थे तो एक टूर्नामेंट का आयोजन करवाया गया था। हमेशा ही गांव के बच्चों को खेलों के प्रति उत्साहित करते थे। शहीद तिलक राज गांव के बच्चों को सेना में भर्ती के भी टिप्स देते थे और कहते थे कि सेना में रहकर देश सेवा करने का मजा ही कुछ अलग है। युवाओं को सेना भर्ती के लिए उत्साहित करते रहते थे। कई तो उत्साहित होकर सेना में भर्ती भी हो गए और देश सेवा कर रहे हैं। शहीद तिलक राज का जन्म वर्ष 1988 में धेवा में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद तिलक राज ने जवाली में फोटोग्राफी का काम सीखा तथा सीखने के उपरांत हार जवाली में अपनी दुकान खोली। वहां पर कार्य करत हुए वर्ष 2007 में सीआरपीएफ  में भर्ती हो गए। वर्ष 2014 में शहीद तिलक राज की शादी हुई। रोचक बात तो यह रही कि फोटोग्राफी करने के उपरांत जिस भी युवा की फोटो खींचकर स्टूडियो में लगाई, वही भर्ती हो गया। हर कोई तिलक राज की मृधुभाषा व शांत स्वभाव का कायल था। जब भी तिलक राज घर पर छुट्टी आते तो हर गांववासी से जरूर मिलते व हाल-चाल पूछते। अब तिलक राज किसी का हाल पूछने नहीं आएगा।