Monday, September 23, 2019 01:47 AM

दोबारा घर बनाने को मिलेंगे दो लाख

डीसी का खुलासा, प्राकृतिक आपदा में बेघर होने वालों को सहारा देगी सरकार

मंडी -प्रदेश सरकार की तरफ से शुरू की गई मुख्यमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों व आपदा में बेघर हुए परिवारों के लिए सहारा बन कर आई है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा किए गए दो विशेष प्रावधानों की वजह से अब प्राकृतिक आपदा के तहत अपना घर खोने वाले परिवारों को प्रदेश सरकार की तरफ से फिर घर बनाने के लिए सरकार दो लाख रुपए की सहायता दे रही है। वहीं ऐसे निर्धन परिवार जिन्हें ग्राम सभा ने बीपीएल में शामिल नहीं किया है, उन्हें भी सरकार घर बनाने को सहायता देगी।  प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त ऋग्देव ठाकुर ने बताया कि जिला में आपदा से बेघर हुए 19 परिवारों के लिए चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 38 लाख रुपए की राशि जारी की है। इसके अलावा ऐसे निर्धन, जो बीपीएल में शामिल नहीं हैं, उनकी मदद के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना में उपायुक्त की अनुशंसा पर 16 परिवारों को सरकार ने 1.30 लाख रुपए के हिसाब से 20.80 लाख रुपए जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सामान्य एवं अनुसूचित जाति व जनजाति बीपीएल परिवारों को भी घर बनाने के लिए 1.30 लाख रुपए की सहायता दी जा रही है। वहीं चालू वित्त वर्ष के दौरान 29 घरों के निर्माण के लिए लगभग 38 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चालू वित्त वर्ष में 285 स्वयं सहायता समूह स्थापित करने के लक्ष्य के मुकाबले जुलाई माह तक 138 स्वयं सहायता समूह बनाए जा चुके हैं, उन्हें 1.45 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय अर्बन मिशन के तहत विकास खंड बालीचौकी के अधीन औट क्लस्टर की छह पंचायतों को चिन्हित किया गया है। चिन्हित पंचायतों में स्थानीय आर्थिक विकास कार्यों पर 50 करोड़ रुपए खर्चे जा रहे हैं। इस मौके अतिरिक्त उपायुक्त आशुतोष गर्ग, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी नवीन शर्मा, सूचना जन संपर्क विभाग की उपनिदेशक मंजुला सहित अन्य अधिकारी व मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

हर विधानसभा में बन रहे सामुदायिक भवन

पे्रस से मिलिए कार्यक्रम में उपायुक्त ऋग्देव ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री लोक भवन योजना के तहत मंडी के हर विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक भवन बनाए जा रहे हैं। गत वर्ष  चौंतड़ा, बल्ह, गोहर, करसोग तथा दं्रग विधानसभा क्षेत्र तथा इस वर्ष धर्मपुर, सुंदरनगर, सदर, सराज व गोपालपुर में लोक भवनों के निर्माण लिए 30-30 लाख रुपए दिए गए हैं। मुख्यमंत्री लोक भवन योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में भूमि चयन के बाद सामुदायिक भवन का निर्माण दो वर्ष में पूरा किया जाएगा।

आदर्श गांव को मिलेंगे दस-दस लाख

मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा के दो गांवों को प्रतिवर्ष आदर्श गांव बनाने के लिए चयनित प्रत्येक गांव को दस लाख रुपए दिए जाते हैं। योजना के तहत जिला में कुल 14 करोड़ रुपए खर्चे जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले में 217 चिन्हित पंचायतों में लगभग 6 करोड़ 44 लाख रुपए की राशि व्यय कर ठोस व तरल कूड़ा प्रबंधन के कार्य को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इन पंचायतों में 33 सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर लगभग 65 लाख रुपए की राशि खर्ची जा रही है।

मनरेगा में मंडी बना नंबर वन

मनरेगा योजना में कार्य दिवस अर्जित करने व बजट खर्च मंे मंडी जिला नंबर वन बना हुआ है। उपायुक्त ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मनरेगा के अंतर्गत 47 करोड़ 81 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं । 19 अगस्त, 2019 तक 21 लाख 78 हजार कार्यदिवस अर्जित कर जिले में योजना का 139 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इसके अलावा पिछले साल जिला में 72 लाख 24 हजार कार्यदिवस सृजित किए गए। इस दौरान 184 करोड़ 42 लाख रुपए व्यय किए गए।