Tuesday, June 02, 2020 11:53 AM

दो गज दूरी नहीं, तो बजेगा अलार्मआईटी इंजीनियर ने तैयार की डिवाइस, मास्क न पहनने पर खिंच जाएगी फोटो

आईटी इंजीनियर ने तैयार की डिवाइस, मास्क न पहनने पर खिंच जाएगी फोटो

गगरेट  - आवश्यकता आविष्कार की जननी है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का तोड़ निकालने में आज पूरा विश्व लगा हुआ है। देर-सवेर इस महामारी से बचाव की वैक्सीन भी मिल जाएगी, लेकिन जब तक इस महामारी का कोई उपचार सामने नहीं आता, तब तक इस महामारी से कैसे बचाव किया जाए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका सरल उपाय दो गज की दूरी के साथ मास्क का प्रयोग आवश्यक करना बता चुके हैं। इसी बीच एक हिमाचली आईटी इंजीनियर ने एक ऐसी डिवाइस इजाद की है, जो दो गज की दूरी के नियम के साथ मास्क का प्रयोग न करने वालों पर नजर रखेगी। जैसे ही नियम टूटे यह डिवाइस अलार्म बजाकर सचेत करेगी और अगर आप चाहें, तो नियम तोड़ने वालों की तस्वीर खींच कर यह डिवाइस पुलिस थाना या फिर जिस अथॉरिटी तक आप इसे पहुंचाना चाहें, वहां तक पहुंचा भी सकती है। कोरोना वायरस का पुख्ता इलाज न मिलने तक यह डिवाइस इस वायरस को फैलने से रोकने में वरदान साबित हो सकती है। जिला ऊना के उपमंडल अंब के गांव कुठियाड़ी के आईटी इंजीनियर दीपक शर्मा, जो कि इन दिनों अपना स्टार्टअप चला रहे हैं, ने एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जो इस जानलेवा वायरस को फैलने से रोकने में कारगर सिद्ध हो सकती है। दीपक शर्मा ने एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जो कैमरे से युक्त है। इस डिवाइस की खासियत यह है कि अगर भीड़भाड़ वाले स्थान पर कोई दो गज की दूरी के नियम तोड़ता है या फिर मास्क का प्रयोग नहीं करता, तो यह डिवाइस अलार्म बजाएगी। इससे यह पता चल जाएगा कि उस स्थान पर दो गज की दूरी नियम का अनुपालन नहीं हो रहा है या फिर एकत्रित हुए लोगों में से किसी ने मास्क का प्रयोग नहीं किया है। यही नहीं, बल्कि इस डिवाइस को अगर आप चाहें, तो पुलिस थाना या फिर किसी ऐसे सक्षम अधिकारी के मोबाइल फोन से भी जोड़ा जा सकता है, जिसे यह डिवाइस नियमों की अनुपालना न करने वालों के तस्वीर खींचकर भेजने के लिए सक्षम होगी। डिवाइस ऐसे लोगों की रिकार्डिंग भी करेगी। प्रदेश सरकार अब धीरे-धीरे प्रदेश के भीतर सारी गतिविधियां चालू करने की फिराक में है, ऐसे में जब स्कूल खोले जाएंगे, तो यह डिवाइस स्कूल में दो गज की दूरी के नियम के साथ मास्क के प्रयोग को सुनिश्चत करने में कारगर सिद्ध हो सकती है। महज स्कूल ही नहीं बल्कि राशन डिपुओं, यात्री बसों और ऐसे सब स्थानों के लिए यह कारगर सिद्ध हो सकती है।