Tuesday, October 15, 2019 09:59 AM

दो-दो पत्र बम…. बारूद के  ढेर पर हमीरपुर कांग्रेस

जिला अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ही आमने सामने, प्रदेशाध्यक्ष को एक-दूसरे के खिलाफ भेजा शिकायत पत्र

हमीरपुर -भारतीय जनता पार्टी में सुलगी पत्रबम की चिंगारी जहां धीरे-धीरे शांत होती नजर आ रही है, वहीं हमीरपुर में सामने आए कांग्रेस के दो पत्र बमों ने तो मानों पार्टी को बारूद के ढेर पर ही खड़ा कर दिया है। बारूद का ढेर इसलिए क्योंकि कांग्रेस पदाधिकारियों की ओर से दो दिनों में दो पत्रबम जारी किए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि पत्र बम जारी करने वाले दोनों की पदाधिकारी जिला कार्यकारिणी के शीर्ष पदों पर हैं। एक दिन पहले जहां कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष ने कार्यकारिणी के सदस्यों समेत अध्यक्ष को ही सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया, वहीं अगले ही रोज जिला कार्यकारिणी के अध्यक्ष ने तो यहां तक कह डाला कि वे जो पार्टी केबड़े ओहदे पर बैठे उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं उन्हें वे जानते तक नहीं। हालांकि उन्होंने इसमें किसी का नाम नहीं लिखा लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि उनका इशारा जिला कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष की ओर ही है। अब सवाल यह भी उठता है कि क्या जिला अध्यक्ष अपनी कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष को नहीं जानते, जबकि बताया यह जाता है कि वे दो साल से इस पद पर आसीन हैं। जिला अध्यक्ष ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को लिखे शिकायत पत्र में कहा है कि निःसंदेह हमीरपुर जिला में कांग्रेस मजबूत स्थिति रही है। मुझे पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ काम करने का मौका मिला और वर्तमान में आपके सानिध्य में भी कार्य कर रहा हूं। आगे कहा है कि जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेश लखनपाल ने कुछ सवाल उठाए हैं, जिनकी सच्चाई सामने आना जरूरी है। आगे लिखा है कि अध्यक्ष जी, जिला कांग्रेस कार्यकारिणी पहले 31 सदस्यों से अधिक नहीं होती थी। कर्मठ, जुझारू व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ही ओहदा दिया जाता था। उन्होंने लिखा है कि चहेतों को प्रसन्न करने के लिए जिला कार्यकारिणी में स्थान देना उचित नहीं है। ऐसे लोग भी पदाधिकारी व कार्यकारिणी में सदस्य बना दिए गए हैं, जिन्हें मैं जानता तक नहीं हूं। न तो वे बैठकों में आते हैं, न ही धरना, प्रदर्शनों में शामिल होते हैं। पत्र में आगे लिखा है कि जंबो जिला कांग्रेस कार्यकारिणी वर्ष 2019 में ही गठित हुई। दो मार्च, 2019 को 65 पदाधिकारियों व 25 कार्यकारिणी सदस्यों की सूची अनुमोदन के मांगी गई। 11 मार्च, 2019 को 65 पदाधिकारियों व 31 कार्यकारिणी सदस्यों के साथ इसे मंजूरी मिली। दूसरी सूची 23 मार्च 2019 को 81 पदाधिकारियों व 34 कार्यकारिणी सदस्यों सहित जारी हुई। तीसरी सूची पहली अप्रैल, 2019 को आई। इसमें 84 पदाधिकारी व 35 कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए। आपसे जानना चाहता हूं कि इन सूचियों को किसने मंजूरी दी।

जिला कांग्रेस में 84 पदाधिकारी- 35 कार्यकारिणी सदस्य

सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र से कुल सदस्य 25, 13 पदाधिकारी व 12 कार्यकारिणी सदस्य। बड़सर से कुल सदस्य 19, 15 पदाधिकारी व चार कार्यकारणी सदस्य हैं। भोरंज से कुल सदस्य 22, 16 पदाधिकारी व छह कार्यकारिणी सदस्य, नादौन से कुल सदस्य सात सात पदाधिकारी, शून्य कार्यकारिणी सदस्य हैं। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से कुल 45 सदस्य, 32 पदाधिकारी और 13 कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं। ये कुल 84 पदाधिकारी व 35 कार्यकारिणी सदस्य हैं।

निष्क्रिय पदाधिकारियों को किसने स्थान दिलाया

जिला अध्यक्ष ने पत्र में लिखा है कि निष्क्त्रिय पदाधिकारियों व सदस्यों को जिला कार्यकारिणी में किसने स्थान दिलाया, उन नेताओं के नाम भी सामने लाए जाएं। नैतिकता के आधार पर इस्तीफे उन सभी निष्क्त्रिय पदाधिकारियों को दे देने चाहिए जो संगठन को कमजोर करने में लगे हैं और पद लेकर घर में बैठे हैं। न ही संगठन की बैठकों, कार्यक्त्रमों व आंदोलनों में शामिल होते हैं।

यह लिखा था उपाध्यक्ष के पत्र में

शनिवार को जिला उपाध्यक्ष द्वारा लिखे पत्र में कहा गया था कि हमीरपुर जिला कांग्रेस का बरसों से जनाजा पिटा हुआ है। हालात यहां तक बद्दतर हो चुके हैं कि पुराने, कर्मठ कार्यकर्त्ता भी खिन्न हो कर घर बैठ गए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बरसों से कुर्सी पर जमे हैं और पार्टी को नहीं एक गुट विशेष के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। पत्र में आगे लिखा है कि महोदय, जिला में कांग्रेस भाजपा की बी टीम के रूप में बरसों से जानी जाती है। ये लोग पद तो कांग्रेस संगठन में प्राप्त करते हैं लेकिन सौदेबाजी करके काम भाजपा का करते हैं। जिला  हमीरपुर कांग्रेस कार्यकारिणी में 137 पदाधिकारियों की लंबी चौड़ी फौज बनाई गई है, जबकि असल में 17-18 पदाधिकारी ही बैठकों में आते हैं। जिला अध्यक्ष को नैतिक तौर पर ही पार्टी की भलाई के लिए स्वेच्छा से पद त्याग देना चाहिए, लेकिन वे कुर्सी से चिपके हुए। आगे लिखा है कि एक नेता विशेष की परिक्रमा करने वाले लोग पद नहीं छोड़ना चाहते। अतः आपसे निवेदन है कि इस विषय पर शीघ्र पग उठाएं ताकि संगठन को खड़ा किया जा सके।