Monday, November 19, 2018 05:43 PM

दो प्रोजेक्टों की समीक्षा कर लौटे कंसल्टेंट

कई जगहों का किया दौरा; वाटर कंजरवेशन, रिमॉडलिंग पर होगा काम

शिमला - आईपीएच विभाग द्वारा तैयार किए गए दो प्रोजेक्टों की समीक्षा कर एडीबी की टीमें लौट गई हैं। एडीबी ने इनकी समीक्षा के लिए अपने कंसल्टेंट भेजे थे, जिन्होंने यहां फील्ड में जाकर दौरा करने के बाद अधिकारियों से चर्चा की। कंसलटेंट अपनी रिपोर्ट एडीबी को देंगे, जिसके बाद यहां प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ेगा। इनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने से पहले एडीबी के कंसल्टेंट अपने सुझाव देंगे, जिन्हें डीपीआर में शामिल किया जाएगा। एडीबी ने प्रदेश के लिए 4700 करोड़ रुपए से ज्यादा का वाटर कंजरवेशन प्रोजेक्ट पारित किया है, वहीं पुरानी पेयजल योजनाओं की री-मॉडलिंग के लिए भी 1498 करोड़ रुपए की एक योजना मंजूर हुई है। इन दोनों परियोजनाओं पर काम करने से पहले एशियन डिवेलपमेंट बैंक ने अपने कंसल्टेंट यहां भेजे थे। इन्होंने हमीरपुर, मंडी, सरकाघाट, धर्मपुर के अलावा शिमला में भी फील्ड का दौरा किया। इन्होंने देखा कि किस तरह से ये प्रोजेक्ट धरातल पर उतर सकते हैं। कंसल्टेंट द्वारा रिपोर्ट दिए जाने के बाद यहां पर प्रोजेक्टों पर बदलाव भी हो सकता है। जो खाका आईपीएच विभाग ने तैयार किया है, उसमें कई तरह से सुधार की गुंजाइश है जिसे एडीबी के ये कंसलटेंट बताएंगे। परियोजनाओं की री-मॉडलिंग के प्रोजेक्ट में कंसलटेंट ने उन योजनाओं को देखा जिनको नए सिरे से तैयार किया जाना है। इसके साथ उन्होंने आईपीएच द्वारा तैयार की गई बड़ी पेयजल योजना को भी परखा है। वहीं दूसरी तरफ वाटर कंजरवेशन के लिए बनाए गए 4700 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट में यहां वर्षा जल का संग्रहण किया जाना है।

रोकना है बरसात का पानी

बरसात के दिनों में पानी यूं ही बहकर चला जाता है, जिसे रोकने के लिए ये प्रोजेक्ट बनाने की सोची गई है। इससे यहां खेतों को बड़ी मात्रा में पानी मिल सकता है। इसके लिए धर्मपुर व हमीरपुर क्षेत्र का दौरा किया गया। वहां पर वर्तमान में लोग अपने स्तर पर क्या कुछ करते हैं, इसे भी देखा गया। जल्द ही एडीबी कंसल्टेंट की रिपोर्ट के बाद अपनी तकनीकी टीम को यहां पर भेजेगा।