Tuesday, July 16, 2019 10:35 PM

धारटीधार में क्यों नहीं सड़कें

श्रीरेणुकाजी—धारटीधार क्षेत्र की तीन पंचायतों के आधा दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीण सड़क सुविधा को तरस रहे हैं। सड़क की मांग को लेकर तीन पंचायतों ने कई मर्तबा प्रदेश सरकार से मिलकर सड़क बनाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन 70 साल बाद भी यहां सड़क नहीं बन पाई है। धारटीधार क्षेत्र के कांडो नाडी से खाली अछोण के लिए सड़क बनाने की मांग ग्रामीण कई सालों से कर रहे हैं, लेकिन कांडो नाडी-खाली अछोण सड़क नहीं बन पाई है। हाल ही में तीन पंचायतों का एक प्रतिनिधिमंडल लोक निर्माण विभाग पांवटा साहिब के अधिशाषी अभियंता से मिला। छछेती पंचायत के ग्रामीण रामेश्वर शर्मा, हरिदत्त भारद्वाज, धर्मेंद्र अत्री, राम गोपाल, किशन चंद, धनवीर सिंह, सुरेश अत्री, सुरजीत सिंह, कुलदीप गतवाल, सागर सिंह, विनोद अत्री व सुरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि कांडो नाडी से खाली अछोण के बीच करीब आठ गांव आते हैं तथा कई सालों से ग्रामीण इस सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक सड़क नहीं बन पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि खाली अछोण, गवाणा, भनेत, कुड़ला खरक, क्यारी, डाडुवा आदि गांव के बच्चे पढ़ने के लिए चांदनी, सडि़यार व सतौन जाते हैं तथा कालेज के बच्चे गिरि नदी पार कर पांवटा साहिब या फिर ददाहू आते हैं, लेकिन बरसात में गिरि नदी में जलस्तर बढ़ने से स्कूली बच्चे दो महीनों के लिए स्कूल, कालेज नहीं जा सकते हैं, जिस कारण पढ़ाई प्रभावित होती है। यदि कांडो नाडी से खाली अछोण सड़क बनती है तो सभी ग्रामीणों का इसका लाभ होगा। बरसात में आधा दर्जन से अधिक लोगों की गिरि नदी में बहने से मौत हो चुकी है। उधर, इस बारे में लोक निर्माण विभाग पांवटा साहिब के अधिशाषी अभियंता अजय शर्मा ने बताया कि कांडो नाडी से खाली अछोण सड़क में वन विभाग की भूमि आती है जिसका केस तैयार कर फाइल वन विभाग को भेजी गई है। जैसे ही वन विभाग से अनुमति मिलेगी सड़क की डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।