Tuesday, August 20, 2019 01:56 PM

धारा118 में बदलाव सरासर गलत

चुवाड़ी -प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि भाजपा सरकार जिस धारा 118 को सरल बनाने की बात कर रही है, जो  सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डा. यशवंत सिंह परमार ने हिमाचलवासियों के लिए विशेष प्रावधान किया था, जिसमें  हिमाचल प्रदेश टेनंेसी एंड लैंड रिफाम्स एक्ट 1972 में विशेष प्रावधान किया गया था। इस एक्ट के 11वें चैप्टर कंट्रोल आन ट्रांसफर ऑफ  लैड में धारा 118 के तहत गैर कृषकों को जमीन बेचने पर रोक लगा दी गई थी। साथ ही ऐसे किसी भी व्यक्ति को जमीन ट्रांसफर नहीं की जा सकती, जो कि कृषक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गत बीस वर्षों की अवधि इसके नियमों में तो बदलाव हुआ है, लेकिन मूल रूप से भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 को बदला नहीं गया है। उन्होंने कहा कि 2007 में भाजपा सरकार ने धारा 118 में संशोधन किया और प्रावधान किया कि बाहरी राज्यांे का व्यक्ति जो हिमाचल में 15 वर्ष से रहता हो और बोनाफाइड हो वह जमीन खरीद सकता है, जिसका कांग्रेस ने खासा विरोध किया था। बाद में कांग्रेस सरकार ने इस शर्त को बढ़ाकर तीस वर्ष कर दिया था। उन्होंने कहा कि धारा 118 में संशोधन करने की सरकार की क्या मंशा है, जिसे मौजूदा भाजपा सरकार स्पष्ट नहीं कर रही है। उन्होंने कह कि बीते दो वर्षों में 124 लोगों ने धारा 118 का उल्लंघन किया है, जिसमें सोलन में 61, शिमला में आठ, सिरमौर में 19, चंबा में सात, कुल्लू में तीन, मंडी में छह और कांगड़ा में 18 मामले सामने आए हैं। इससे यह जाहिर होता है कि इन लोगों को केवल मात्र निजी रूप से फायदा पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्रदेश की भोली-भाली जनता को किसी भी प्रकार की कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अगर यह अप्रत्यक्ष खरीद-फरोख्त हिमाचल प्रदेश में बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी आगामी दिनों में आंदोलन करेगी।