Thursday, October 24, 2019 03:22 AM

नमामि गंगे की तर्ज पर होगा चिनाब का जीर्णोद्धार

केलांग -नमामि गंगे की तर्ज पर चिनाब नदी का भी जीर्णोद्धार होगा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की पहल पर सिंधु नदी बेसिन की सभी पांचों नदियों को इस परियोजना में शामिल किया गया है। मंत्रालय ने अगामी साल 31 मार्च तक चिनाब बेसिन की डीपीआर तैयार करने का अल्टीमेटम दिया है। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला ने मंगलवार को सिंधु नदी बेसिन के अंतर्गत चिनाब नदी का वानिकी गतिविधियों के माध्यम से पुनरुद्धार करने के मकसद से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीआर तैयार करने के लिए लाहुल-स्पीति जिला के केलांग में राज्य स्तरीय सलाहकर बैठक का आयोजन किया।  राष्ट्रीय परिपेक्ष में आयोजित की गई इस महत्वपूर्ण बैठक में लाहुल-स्पीति के परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजातीय विकास परियोजना स्मृतिका नेगी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान स्मृतिका नेगी ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि लाहुल-स्पीति हिमालयी क्षेत्र में होने के कारण भौगोलिक दृष्टि से बहुत नाजुक है तथा चिनाब नदी के जलग्रहण क्षेत्र में वानिकी हस्तक्षेप से यहां के भौगोलिक क्षेत्र भी स्थिर हो सकता है। उ इस महत्त्पूर्ण बैठक में राज्य सरकार के वन विभाग के अधिकारियों, क्षेत्रीय कर्मियों, कृषि, ग्रामीण विकास विभाग, बागबानी विभाग, पशु पालन विभाग के अतिरिक्त कई गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं नेहरू युवा केंद्र के सदस्यों ने भाग लिया।