Wednesday, August 21, 2019 05:10 AM

नरोगी में काहिका उत्सव का आगाज

तीन दिनों तक माता चामुंडा भागासिद्ध के दरबार में उमड़ेंगे श्रद्धालु

भुंतर -जिला कुल्लू की रूपी घाटी के नरोगी में ऐतिहासिक काहिका उत्सव सोमवार को आरंभ हुआ।  करीब 22 सालों के अंतराल के बाद मनाए जाने वाले इस काहिका उत्सव के तहत सोमवार को माता चामुंडा भागासिद्ध के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी तो मंगलेश्वर महादेव मंदिर छेंयूर से काहिका हेतु आवश्यक सामान भी लाया गया। काहिका को खड़ा करने के साथ उत्सव का आगाज हुआ जिसमें कारकूनों व हारियानों ने शिरकत की। इसके अलावा उत्सव की मुख्य कड़ी नरमेघ यज्ञ में भूमिका निभाने वाला नड़ भी परिवार सहित देवालय में पहुंचा जो उत्सव के समाप्त होेने तक देवालय में ही रहेगा। बता दें कि दो दशक से अधिक की अवधि के बाद मनाए जा रहे इस उत्सव के तहत 14 अगस्त को नड़ को मारकर पुनः जीवित करने की प्रक्रिया का निर्वहन किया जाएगा। उत्सव के दौरान माता भागासिद्ध चामुंडा के दरबार में हारियान जुटेंगे तो माता अपनी शक्तियों के अस्तित्व का परिचय देगी। इसके अलावा मेले के दौरान कुल्लूवी नाटी पर भी हारियान जश्न मनाएंगे। नरोगी में स्थित भागासिद्ध के कारकूनों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को खड़ा किया गया मंगलवार को आराम करने के बाद 14 को उत्सव की मुख्य प्रक्रिया का निर्वहन किया जाएगा। कारकूनों के अनुसार यहां पर देवादेशों के अनुसार ही गांव की खुशहाली के लिए काहिका का आयोजन किया जाता है। सोमवार को देवालय से सामान लाया गया जो काहिका में प्रयोग में लाया जाएगा। माता के कारदार गोपाल ठाकुर, मंदिर समिति के प्रधान प्यारे लाल व सचिव कैलाश ठाकुर सहित अन्य नुमाइंदों ने बताया कि मेले के दौरान माता अपनी शक्तियों से नड़ को मारेगी और फिर उसे शक्तियों से जीवित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्सव के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। बहरहाल, जिला के नरोगी में काहिका उत्सव का आगाज सोमवार को हुआ।