Tuesday, March 31, 2020 01:33 PM

नवरात्र पर घर में बैठ मां की आराधना

देवभूमि में देवालय सूने, घर में नवरात्र पर की माता की पूजा-अर्चना

भुंतर  - मां दुर्गा के नौ अवतारों को समर्पित चैत्र नवरात्र का बुधवार से शुभारंभ हो गया है। हर वर्ष के विपरीत नवरात्र के मौके पर इस बार देवालयों में तो सन्नाटा रहा लेकिन घरों में लोगों ने जरूर नवरात्र की पूजा-अर्चना की। कोरोना वायरस के संकट के कारण लॉकडाउन से देवालयों को बंद कर दिया गया है और लोगों का घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया गया है। ऐसे में घरों में ही पूजा-अर्चना हुई। जिला की रूपी घाटी की बात करें तो हर साल यहां के शमशी में स्थित ज्वाला माता के दरबार में सैकड़ों भक्त उमड़ते हैं तो धार्मिक नगरी मणिकर्ण में नैणा माता के दरबार में भी दिन भर लाइन लगती है। भुंतर के साथ लगते शाढ़ाबाई के काली माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, छन्नीखोड़ के महिषा सुरमर्दिनी मंदिर, पिपलागे के शीतला माता मंदिर, बंजार की नैना माता, पड़ेई की माता पटंती, चौंग की माता पार्वती, दियार घाटी की माता मंडासना, सांगचन की माता रूपासना, धारा की माता चामुंडा, पीणी की माता भागासिद्ध जरी क्षेत्र की माता कैलाशना सहित सभी मंदिरों में भक्त अपनी-अपनी आराध्य देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कोरोना महामारी ने देश भर के लोगों को घरों में बंद कर दिया है तो मंदिरों पर ताला लगा दिया है। ऐसे में इन मंदिरों में भी इस बार भक्त नहीं पहुंच पाए। शमशी में बुधवार को बिरशू उत्सव भी आरंभ होना था लेकिन कोरोना के कारण इस पर भी ब्रेक लग गई है। यहां पर पुजारी ने पूजा की लेकिन अन्य प्रक्रिया नहीं हो पाई। अन्य स्थानों पर भी न तो भक्त पहुंचे और न ही देवालयों के ताले खुले। जिला कारदार संघ के अध्यक्ष जय सिंह के अनुसार नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण देवालयों को बंद कर दिया गया है और किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी गई है।