Monday, June 24, 2019 06:14 PM

नववर्ष का उल्लास

नए साल का जश्न मनाने के लिए हिमाचल हर साल सैलानियों की पहली पसंद होता है। जश्न के लिए पर्यटक कई दिन पहले ही होटल आदि की बुकिंग करवा लेते हैं। इस बार भी प्रदेश में नजारा ऐसा ही दिखा। नववर्ष के उल्लास को दखल के जरिए पेश कर रहे हैं... आरपी नेगी, टेकचंद वर्मा, और दीपिका शर्मा...

हिमाचल में नववर्ष का आगाज उल्लास के साथ किया गया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में लाखों की संख्या में पहुंचे सैलानियों ने नववर्ष को यादगार बनाने के लिए जमकर मौज-मस्ती की। राज्य के अधिकांश पर्यटक स्थलों पर सैलानियों सहित स्थानीय लोगों ने वर्ष 2018 की खट्टी-मीठी यादों को अलविदा कहकर खुली बांहों से  2019 का स्वागत किया। नववर्ष पर हिमाचल में जश्न जैसा माहौल रहा। देर रात तक लोग डीजे की धुनों पर थिरकते रहे। प्रदेश के शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी में नववर्ष  सेलिब्रेशन के लिए लाखों सैलानी पहुंचे। राज्य के उक्त पर्यटक स्थलों के अधिकांश होटल सैलानियों से जैम पैक रहे। नया साल मनाने के लिए बाहरी राज्यों के सैलानियों ने प्रदेश की सैरगाहों के होटलों में एडवांस बुकिंग करवा ली थी। राजधानी शिमला व पर्यटन नगर मनाली के होटलों में तो होटलों में 100 फीसदी आक्यूपेंसी रिकार्ड की गई। होटलों के साथ स्टे होम व गेस्ट हाउस भी सैलानियों से भरे रहे। इन स्थानों पर कई जगहों में तो सैलानियों को होटलों में कमरे तक नहीं मिले, ऐसे में सैलानियों को वाहनों में ही रातें काटनी पड़ीं।

यहां-यहां उमड़ी सैलानियों की भीड़

प्रदेश के शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, कुफरी, नारकंडा में बाहरी राज्यों से सर्वाधिक सैलानियों की आमद रिकार्ड की गई। सैलानियों के मनोरंजन के लिए अधिकतर होटलों में डीजे डांस की व्यवस्था की गई थी। मनाली व धर्मशाला में न्यू ईयर क्वीन चुनी गई। मनाली में सैलानियों के मनोरंजन के लिए ढोल नगाड़ों के साथ डीजे की व्यवस्था की गई थी।

शक्तिपीठों में भी लगी कतारें

नववर्ष पर लोगों ने शक्तिपीठों में शीश नवा कर नए साल में सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। प्रदेश के प्रसिद्ध ज्वालाजी, चिंतपूर्णी, चामुंडा, नयनादेवी, शिमला के कालीबाड़ी माता मंदिर और जाखू मंदिर में नव वर्ष पर हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेककर नए साल में सलामती की दुआएं मांगी।

खुशियां लेकर आया नववर्ष

मेहमानों की भीड़ से अच्छा कारोबार

नया साल होटल सहित पर्यटन कारोबारियों को खुशियां साथ लेकर आया है। नववर्ष के जश्न के लिए प्रदेश की सैरगाहों में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी। पर्यटक स्थलों में अधिकांश होटल सैलानियों से भरे रहे। नववर्ष पर अच्छा कारोबार होने से पर्यटन कारोबारी उत्साहित हैं। शिमला होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद का कहना है कि हिल्स क्वीन में नववर्ष सेलिब्रे्रशन के लिए प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से इंतजाम किए गए थे। प्रशासन के प्रयासों से ही नववर्ष पर सैलानियों व स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।  राजधानी में पार्किंगों की उचित व्यवस्था की गई थी, जिसके चलते शिमला की संकरी सड़कों पर टै्रफिक जाम की समस्या पेश नहीं आई।

 मनोरंजन के साथ-साथ बेहतर हो आवभगत

नववर्ष सेलिब्रेशन के लिए हर वर्ष हजारों-लाखों की संख्या में सैलानी प्रदेश की सैरगाहों में पहुंचते हैं। हालांकि सैलानियों के मनोरंजन के लिए राज्य के कुछ पर्यटक स्थलों पर कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जाता है। मगर यह व्यवस्था कुछ स्थलों व होटलों तक ही सीमित है। ऐसे में नववर्ष का सेलिबे्रशन करने के लिए पहुंचे सैलानी उतनी मौज-मस्ती नहीं कर पाते हैं, जितनी मौज-मस्ती की तमन्ना लेकर वह प्रदेश की सैरगाहों में पहुंचते हैं।  प्रदेश में बड़े आयोजनों के दौरान पहुंचने वाले सैलानियों के लिए अगर पूर्व सुनियोजित तरीके से व्यवस्था की जाए और प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सैलानियों के मनोरंजन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाए तो यह पर्यटन कारोबार के लिए संजीवनी का कार्य कर सकता है।

प्रदेश में हर साल क्रिसमस व न्यू ईयर सेलिबे्रशन के लिए सैकड़ों सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन इन सैलानियों के मनोरंजन के लिए अभी तक बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सैलानियों को होटलों में ही डीजे की धुनों पर मौज-मस्ती करनी पड़ रही है। राजधानी शिमला की बात करें तो नए साल का जश्न मनाने के लिए यहां काफी तादाद में सैलानी पहुंचे थे, मगर शिमला में होटलों के सिवाय सैलानियों के मनोरंजन की कोई सुविधा नहीं थी। शिमला के होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भी बड़े आयोजनों के दौरान सैलानियों के मनोरंजन के लिए मुख्य स्थलों पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करवाने की मांग उठाई है, ताकि बाहरी राज्यों से यहां पहुंचने वाले सैलानी देर रात तक शांतिपूर्वक तरीके से मनोरंजन कर सके।

भाषा संस्कृति विभाग ने पर्यटन विभाग के साथ मिलकर किया वेलकम

भाषा संस्कृति विभाग ने जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के  साथ मिलकर नववर्ष का स्वागत किया है। भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक केके शर्मा का कहना है कि सभी क्षेत्रों में जिला स्तर पर जो कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, उसमें भाषा विभाग द्वारा सहयोग किया गया है। हालांकि अपने विभाग के तहत स्वतंत्र तौर पर कोई खास कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया, लेकिन भाषा विभाग के कलाकारों ने नववर्ष क ी संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में खूब सहयोग दिया है।  भविष्य में नव वर्ष के दौरान पर्यटकों के लिए ओपन थियेटर का प्रबंध करवा कर कार्यक्रम को और बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।

मंदिरों में भी होने चाहिएं इंतजाम

प्रदेश की मंदिरों में भी नए साल के शुभारंभ पर काफी संख्या में सैलानी उमड़ते हैं। हर वर्ष की तरह मंदिरों से भीड़ उमड़ने की संभावना रहती है। मगर इसके लिए पहले से तैयारी नहीं की जाती है। ऐसे में एकाएक भीड़ उमड़ने से धक्का-मुक्की का माहौल कायम हो जाता है।

पर्यटन कारोबार में आया उछाल

प्रदेश की सैरगाहों में नववर्ष पर भारी संख्या में सैलानियों के उमड़ने से पर्यटन कारोबार में उछाल आया है। सैलानियों ने एक ही दिन में हिमाचल को मालामाल कर दिया था।

लोहड़ी-होली पर भी की जाए खास व्यवस्था

प्रदेश में नववर्ष के जश्न के लिए खासे इंतजाम किए जाते हैं। होटलों में विशेष रियायतें देकर सैलानियों को रिझाया जाता है। इसी तरह राज्य स्तरीय लोहड़ी उत्सव, तत्तापानी की मंकर संकं्राति, कांगड़ा का घृत मंडल और सुजानपुर की होली बड़े स्तर पर मनाया जाता है। अगर सरकार इन त्योहारों पर भी सैलानियों के लिए खास व्यवस्था करे तो पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी होगी, जिससे प्रदेश के पर्यटन को भी और बढ़ावा मिलेगा और कारोबार में इजाफा होगा

शिमला-मनाली जैम पैक

नए साल के जश्न को राज्य की सैरगाहों में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रदेश के शिमला, मनाली, धर्मशाला व डलहौजी न्यू ईयर सेलिबे्रशन के लिए सैलानियों से पैक रहे। इसका अंदाजा इसी से बखूबी लगाया जा सकता है कि शिमला में नववर्ष की पूर्व संध्या और नए साल पर 6 हजार के करीब वाहन पहुंचे। वहीं मनाली में एक ही दिन में 2327 पर्यटक वाहनों के पहुंचने की सूचना है। हालांकि अभी तक पर्यटन विभाग ने प्रदेश की सैरगाहों में पहुंचने वाले सैलानियों के आंकड़ों को कंपाइल नहीं किया है। मगर प्रदेश में भारी संख्या में सैलानियों के वाहन पहुंचने से इस मर्तबा बीते वर्ष के मुकाबले अधिक सैलानियों के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। शिमला व मनाली के होटलों में आक्यूपेंसी सौ फीसदी तक दर्ज की गई है। इसके अलावा राज्य में डलहौजी, धर्मशाला, कुल्लू में भी काफी संख्या में सैलानियों के पहुंचने की सूचना है।

सैलानियों के लिए होने चाहिए बड़े आयोजन

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने कहा कि नववर्ष पर शिमला में पहुंचने वाले सैलानियों के मनोरंजन के लिए बड़े आयोजन होने चाहिएं, ताकि प्रदेश के पर्यटन कारोबार में और इजाफा हो सके और प्रदेश की सैरगाहों में आने वाला सैलानी भी अपने साथ खुशियां लेकर जाएं। इसके लिए पर्यटन कारोबारियोें व स्थानीय प्रशासन को मिलजुल कर प्रयास करने की आवश्यकता है।

जादुई ट्रेन ने मोहा  सैलानियों का मन

पहाड़ों की रानी शिमला में नववर्ष का जश्न मनाने पहुंचे सैलानियों का छुक-छुक ने दिल जीत लिया। छुक-छुक का मजा लेकर पर्यटकों ने नए साल का जश्न मनाया। जादुई ट्रेन के रोमांचकारी सफर का सैलानियों ने जमकर लुत्फ उठाया। सैलानियों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र दो दिन के भीतर पांच हजार पर्यटक रेलमार्ग के माध्यम से राजधानी पहुंचे हैं, जिन्होंने कालका-शिमला की छुक-छुक को चुना है। नव वर्ष के दौरान होली-डे स्पेशल जैम पैक रही।  कालका-शिमला रेलमार्ग पर 1400 पर्यटक प्रति दिन पहुंचे।   गौर हो कि कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलमार्ग पर होली-डे स्पेशल ट्रेन को पहले कैंसिल कर दिया गया था, जिसे बीस दिसंबर से शुरू कर दिया गया। पर्यटकों का मानना है कि उन्होंने जाइुई टे्रन यानी पारदर्शी ट्रेन में सफर करने का नववर्ष के दौरान खूब आनंद उठाया है। शिमला-कालका का यह सफर काफी रोमांचित रहता है,जिसमें खासतौर पर उस समय यह सफर बहुत मजेदार दिखाई देता है, जब शिमला में बर्फबारी हुई हो। हालांकि नववर्ष पर अनुमान जताया जा रहा था कि शिमला में बर्फबारी होगी, जिससे पर्यटकों को मायूसी हाथ लगी, लेकिन रेल का सफर खूब भाया है।

कड़ाके की ठंड में सुरक्षा प्रचंड

प्रदेश के लाखों लोग नववर्ष का जश्न मना रहे थे तो हमारे पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा के लिए कड़ाके की ठंड में अपनी सेवाएं देते रहे। हालांकि न्यू ईयर तो पुलिस वालों के लिए भी था, लेकिन क्या करें कानून के रक्षक जो हैं। जिन्हें कंपकंपाती प्रचंड ठंड में भी ट्रैफिक से लेकर आम आदमी की सुरक्षा के लिए उन्हें चौकसी से ड्यूटी निभानी पड़ती है। ऐसा ही इस बार के नव वर्ष की पूर्व संध्या पर देखा गया। यह पहली बार नहीं कि जब पुलिस के जवानों को ऐसी सर्द हवाओं के बीच सेवाएं देनी पड़ी हों। पर्यटन स्थल शिमला, मनाली, धर्मशाला और कुफरी की वादियों में पुलिस प्रशासन ने सैकड़ों जवान तैनात कर दिए थे, ताकि कोई अनहोनी न हो सके।  न्यू ईयर का जश्न मनाने हिल्स क्वीन पहुंचे सैलानियों पर शिमला पुलिस ने पैनी नजर रखी थी। इसके लिए पुलिस ने ठियोग-फागू से लेकर शोघी तक सात सेक्टर में बांटा गया था। हर वर्ष की भांति इस बार भी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर शिमला में हजारों सैलानी धूम मचाने शिमला पहुंचे। इसे देखते हुए शिमला पुलिस के साथ-साथ जिला प्रशासन ने पहले ही मुस्तैदी दिखाई। राजधानी शिमला की सीमा शोघी से लेकर फागू तक शिमला पुलिस के 300 जवान तैनात रहे। इस दौरान शराब पी कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए एल्को सेंटर टीम भी सड़कों पर उतरी थी। फिलहाल इस दौरान शराब पीकर हंगामा जैसी नौबत शिमला में नहीं आई। शिमला पुलिस ने सैलानियों को बेहतर सुविधा देने के लिए तीन हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की थी। यहां तक कि आईएसबीटी से सीटीओ तक हर 10 से 15 मिनट में एचआरटीसी टैक्सी, मिनी बसें और  टैम्पो ट्रेवलर भी चलाई गई। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर पुलिस के जवानों की रात 10 बजे तक ड्यूटी लगाई गई थी। मगर जोश और जश्न के बीच अधिकांश शहरों में सैलानी और सथानीय लोग रात के 12 बजे तक मौज-मस्ती करते दिखे, जिस कारण पुलिस जवानों को भी मजबूरन सेवाएं देनी पड़ीं।

जब लोग जश्न मना चुके थे तो पुलिस वाले पहुंचे घर

31 दिसंबर की रात जब पूरा प्रदेश जश्न मना चुका था तो पुलिस जवान अपने घर पहुंचने लगे। खास कर शिमला की भोगौलिक परिस्थिति पर गौर करें तो जिन पुलिस जवानों के आवास ढली में थे और उनकी ड्यूटी ठियोग क्षेत्र में लगाई गई थी। इस कारण वे अपने परिवार के साथ नव वर्ष का जश्न भी नहीं मना सके। इस बार पुलिस ने शहर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी शिकंजा कसने के लिए शोघी से लेकर शहर तक 27 एल्को सेंसर के साथ कर्मचारी तैनात किए थे।