Tuesday, March 31, 2020 08:10 PM

नवसाक्षरों के लिए सृजन कार्यशाला 27 से

मंडी, सुंदरनगर - संपूर्ण साक्षरता अभियान में देश भर में अव्वल रहे मंडी जिला में अब नवसाक्षर कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के हिंदी संपादक डा. ललित किशोर मंडोरा ने बताया कि मंडी जिला के सुंदरनगर में प्रदेश के 25 लेखकों का एक दल सुंदरनगर नवसाक्षर सृजन कार्यशाला में बैठ कर चार दिवसीय कार्यशाला में कहानियों का निर्माण करेगा। इन कहानियों के विषय महिला जनजागृति, स्वास्थ्य, रोचक किस्से, हास्य व्यंग्य, वीर गाथाएं, कथा साहित्य, प्रेरक प्रसंग, कानून, राष्ट्रीय जीवन चरित, तकनीक के प्रयोग व दुरपयोग, पठन संस्कृति के फायदे, कृषि, बैंक, बीमा, मौलिक अधिकार, इत्यादि महत्त्वपूर्ण विषयों पर कहानियां जाने-माने हिंदी के हिमाचल स्थित रचनाकार लिखेंगे। डा. मंडोरा ने यह भी बताया कि इस कार्यशाला में तैयार कहानियों का क्षेत्र परीक्षण भी कराया जाएगा, जिसमें ग्रामीण अंचल के लोग लेखकों की कहानियों को पढ़ेंगे व अपनी राय भी साझा करेंगे। यह अवसर सुंदरनगर को बरसों बाद मिला है। इससे पूर्व राष्ट्रीय पुस्तक न्यास भारत ने सोलन में लेखन कार्यशाला 1995 के आसपास आयोजित की थी। न्यास विगत 62 वर्षों से पुस्तक संस्कृति की दिशा में प्रयासरत है। लगभग भारतीय भाषाओं के साथ क्षेत्रीय भाषाओं के प्रकाशन के साथ न्यास ब्रेल में भी पुस्तकों का प्रकाशन कर रहा है। शिमला, कुल्लू, लाहुल-स्पीति में न्यास पुस्तकों के साथ साहित्यिक संवाद व पुस्तक मेले का आयोजन कर चुका है। जल्द ही हमीरपुर व अन्य महत्त्वपूर्ण स्थानों पर पुस्तकों से संबंधित गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। डा. मंडोरा हिमाचल प्रदेश के नोडल अधिकारी भी है। कार्यशाला के स्थानीय समन्वयक व हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ लेखक डा. गंगाराम राजी ने बताया कि इस कार्यशाला का मंडी जिला के तहत सुंदरनगर में होना निश्चित ही गौरव का विषय है। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ व कनिष्ठ दोनों स्तरों के लेखक इस सृजन कार्यशाला में बेहतर व पठनीय कहानियों का निर्माण करेंगे, जिससे व्यापक वर्ग तक पाठक लाभान्वित हो सकेंगे। अब तक नवसाक्षरों के लिए न्यास ने लगभग 500 से अधिक पुस्तकें सरल भाषा में सुंदर चित्रों के साथ प्रकाशित की है। कार्यशाला में चयनित कहानियों का राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा पहले हिंदी में फिर अन्य भारतीय भाषाओं में प्रकाशन किया जाएगा। इस लेखन कार्यशाला में मंडी, कुल्लू, धर्मशाला, शिमला, बिलासपुर के लेखक भागीदारी कर रहे है। यह चार दिवसीय लेखन कार्यशाला 27 फरवरी से पहली मार्च के मध्य आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में न्यास की संपादकीय सहयोगी डा. कमलेश कुमारी भी शामिल रहेगी व कार्यशाला में अपने संपादकीय अनुभवों को सांझा करेगी।

ये लेखक ले रहे हैं भाग

इस कार्यशाला में कांगड़ा से सुशील कुमार फुल्ल, प्रत्यूष गुलेरी, सरोज परमार, शिमला से दीपक शर्मा, कुल्लू से गणेश भारद्वाज गनी, डा. सूरत ठाकुर,कृष्णा ठाकुर, शेर सिंह व निरंजन शर्मा भाग लेंगे। वहीं मंडी जिला से दीनू कश्यप, मुरारी शर्मा, गंगाराम राजी, कृष्णचंद्र महादेविया, रूपेश्वरी शर्मा, पवन चौहान, विनोद कुमार भावुक, डॉ आरके गुप्ता, कमल प्यासा, रोशन चौहान, डा.विजय विशाल, सुरेंद्र मिश्रा, रतन लाल शर्मा, हरि प्रिया, बिलासपुर से लेख राम वर्मा व जोगिंद्र ठाकुर भाग लेंगे। जबकि  वरिष्ठ लेखक व हिमाचल भाषा अकादमी के पूर्व सचिव सुदर्शन वशिष्ठ बतौर स्रोत व्यक्ति भाग लेंगे।