Monday, July 22, 2019 12:24 AM

नहीं रहे स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रतन, गम में डूबा ज्वालामुखी

कुछ समय से पीजीआई चंडीगढ़ में थे उपचाराधीन, आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

ज्वालामुखी —राष्ट्रपति अवार्ड विजेता एवं स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के दो बार उपाध्यक्ष रहे पंडित सुशील रतन (95) का सोमवार रात 11 बज कर पचास मिनट पर पीजीआई चंडीगढ़ में निधन हो गया। पंडित सुशील रतन पिछले कुछ समय से पीजीआई में उपचाराधीन थे।  बुधवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ ज्वालामुखी में होगा। उनके निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पंडित सुशील रतन एक खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी स्पष्टवादी व्यक्ति थे। उन्होंने देश की सेवा में अपने जीवन के बेहतरीन साल लगाए। देश के महान सपूत विनोवा भावे उनके आदर्श थे। पंडित जी के नेहरू परिवार से लेकर वीरभद्र सिंह के परिवार तक घनिष्ठ संबंध रहे हैं।  यही कारण है कि उनका देश व प्रदेश की राजनीति में हमेशा ऊंचा स्थान व सम्मान रहा है। पंडित सुशील रतन लोक संपर्क विभाग में भी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी धर्मपत्नी स्व. कृष्णा रत्न ने अध्यापिका के रूप में सेवाएं दी थीं। पंडित जी के दो बेटे मनोज रतन व संजय रतन व तीन बेटियां अराधना, अनुराधा व वंदना हैं। पंडित ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की भलाई के लिए हमेशा लड़ाई लड़ी। स्वतंत्रता सेनानियों के मानदेय में समय-समय पर बढ़ोतरी और स्वतंत्रता सेनानियों के  निधन पर राजकीय सम्मान व सम्मान राशि भी पंडित सुशील रतन की देन है। उन्होंने दो बार वर्ष 1985 व 1990 में ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस केटिकट पर चुनाव लड़ा था। वह वर्ष 1985 से 1990 तक खादी बोर्ड हिमाचल प्रदेश के उपाध्यक्ष भी रहे हैं।  उनके पुत्र संजय रतन ने वर्ष 2013 में ज्वालामुखी से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीता था। पंडित जी दो बार वर्ष 2003 व 2013 में प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष भी बने और उन्होंने इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए बहुत काम किया। वह शहीदों की याद में एक स्मारक बनाना चाहते थे, जिसके लिए कई प्रयास किए, परंतु यह सपना पूरा न हो पाया। पं सुशील रतन का जन्म 31 मार्च, 1924 को गरली में हुआ था। सुशील रतन वर्तमान में भारत सरकार की हाई पावर कमेटी की सदस्य भी थे। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के हाथों से अवार्ड भी मिला है।

इन्होंने जताया शोक

शिमला। राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वतंत्रता सेनानी सुशील रतन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में उन्होंने अंतिम सांस ली। शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह व प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधायक सुशील रतन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कांग्रेस नेताओं नेशोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताई हैं।