Friday, September 20, 2019 12:20 AM

नाथपा-झाकड़ी में विद्युत उत्पादन बंद

सतलुज में सिल्ट बढ़ने से प्रोडक्शन पर ब्रेक, दूसरी परियोजनाएं भी प्रभावित

रामपुर बुशहर - भारी बरसात के कारण सतलुज में आए उफान ने 1500 मेगावाट की नाथपा-झाकड़ी परियोजना में बिजली उत्पादन को टप कर दिया है। रविवार सुबह नौ बजे से परियोजना की छह टरबाइंस को सिल्ट बढ़ जाने के कारण बंद करना पड़ा। शाम तक सतलुज में सिल्ट की मात्रा कम नहीं हो पाई। इस कारण पूरा दिन एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत परियोजना में बिजली उत्पादन नहीं हो पाया। जानकारी के मुताबिक लगातार बारिश होने से सतलुज नदी उफान पर है। सतलुज नदी में इस समय 1000 क्यूमैक्स पानी बह रहा है, जो कि आम दिनों की अपेक्षा कहीं अधिक है। वहीं, सतलुज नदी में सिल्ट की मात्रा 25 हजार पीपीएम तक पहुंच गई है। परियोजना प्रबंधन का कहना है कि पानी की मात्रा जरूर बड़ी है। हालांकि इस पानी में उत्पादन संभव था, लेकिन सिल्ट की मात्रा काफी अधिक है। प्रबंधन का कहना है कि सिल्ट की मात्रा काफी अधिक है, जिस कारण परियोजना को चला पाना जोखिम भरा है। परियोजना सुबह से न चल पाने से परियोजना प्रबंधन को  लगभग नौ करोड़ तक का नुकसान हुआ है। यह नुकसान बढ़ भी सकता है।गौरतलब है कि आम दिनों में सिल्ट की मात्रा 3000 पीपीएम तक होती है। इतनी सिल्ट में परियोजना की टरबाइंस को नुकसान नहीं पहुंचता है, लेकिन यदि सिल्ट की मात्रा 4000 हजार पीपीएम से अधिक होती है, तो यह टरबाइंस को नुकसान पहुंचा सकती है।

रामपुर-जोगनी प्रोजेक्ट में भी प्रोडक्शन ठप

नाथपा-झाकड़ी परियोजना पर पूरी तरह से आश्रित 412 मेगावाट की रामपुर परियोजना में भी रविवार को बिजली उत्पादन ठप रहा। ऐसे में एसजेवीएन को एक ही दिन में करोड़ों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, रामपुर में जोगनी-1 और जोगनी-2 पॉवर प्रोजेक्ट भी भारी सिल्ट की वजह से शनिवार रात से बंद पड़ी है। सिल्ट कम न होने से दिन भर पॉवर प्रोजेक्ट बंद रहा। इससे परियोजना प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा।