Monday, October 21, 2019 07:39 AM

नादौन को धोखा दे रहीं निजी बसें

नादौन—क्षेत्र की सड़कों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों की तरह रंग रूप लिए दौड़ रहीं कुछ निजी बसें यात्रियों के लिए जी का जंजाल बन चुकी हंै। हैरानी की बात है कि ऐसी निजी बसों पर न तो उन्हें चलाने वाली कंपनी तथा मालिक का नाम दर्ज है। दूर से देखने पर ऐसा मालूम होता है कि मानों एचआरटीसी की बस आ रही है, परंतु जब सड़क के किनारे हाथ देकर यात्री इनमें सवार हो जाता है। उसे तब पता चलता है कि यह तो निजी बस है, तो वह सरकार तथा विभाग को कोसते हैं, क्योंकि एचआरटीसी की बसों में कई लोगों और वरिष्ठ नागरिकों आदि ने यात्रा पास ले रखे हैं, जिनका लाभ उन्हें इन निजी बसों में नहीं मिल पाता और मजबूरी में अधिक किराया देना पड़ता है। यह सिलसिला कई महीनों से चल रहा है। लोगों का कहना है कि ये निजी बसें नियमों की अवहेलना करने के बावजूद कैसे सड़कों पर दौड़ रही हैं। विभागीय अधिकारी ऐसे करने वालों पर अभी नुकेल डालने में असफल साबित हुए हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा हानि एचआरटीसी से यात्रा पास प्राप्त किए नागरिकों को हो रही है। वहीं, हिमाचल पथ परिवहन निगम को भी राजस्व का चूना लग रहा है, परंतु प्रशासन तथा अधिकारी इस पर मौन बने हुए हैं। लोगों की मांग है कि सरकार ऐसे में जनहित में शीघ्र कदम उठाएं। इस संदर्भ में जिला परिवहन अधिकारी वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि निजी बसों पर ट्रांसपोर्टर व कंपनी का नाम अंकित करना अनिवार्य है। ऐसा करने वालों पर विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।