Tuesday, September 17, 2019 04:14 PM

नालागढ़ में डेंगू के छह नए मरीज डिटेक्ट

नालागढ़ - नालागढ़ उपमंडल में डेंगू के छह नए मरीज डेंगू के डिटेक्ट हुए है। नालागढ़ अस्पताल में एलीजा विधि से हुए 28 टेस्टों में छह लोगों को डेंगू पाया गया है। बीबीएन में इस वर्ष अब तक डेंगू के 31 मरीज हो गए है, जिसमें से औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत बद्दी के 18 और नालागढ़ में 13 मरीज पॉजीटिव पाए जा चुके है। बीते वर्ष यह आंकड़ा 500 के पार हो गया था और इस वर्ष भी डेंगू लोगों को अपना डंक दे रहा है। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत नालागढ़ व बद्दी अस्पतालों में एलीजा विधि से डेंगू के टेस्ट होते है और इस वर्ष अब तक 465 टेस्टों में 31 रोगी डेंगू के पाए गए है, जिसमें से बद्दी में एलीजा विधि से किए गए टेस्टों के तहत 361 में से 18 व नालागढ़ अस्पताल में 94 टेस्टों में से 13 लोग डेंगू के शिकार बने है। जानकारी के अनुसार बीबीएन में डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है और छह नए रोगी डेंगू पॉजीटिव पाए गए है। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के तहत आने वाले नालागढ़ व बददी अस्पतालों में एलीजा विधि से डेंगू की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस वर्ष अब तक 31 मरीज डेंगू के सामने आए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए साफ-सफाई का होना बहुत जरूरी है और पानी एक जगह पर जमा नहीं होना चाहिए।  बरतनों को ढककर रखें और मच्छरदानियों का प्रयोग करें, वहीं पूरी बाजू वाले वस्त्र पहनने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग पूरी तरह से जागरूकता अभियान छेड़े हुए है, लेकिन इसमें लोगों को स्वयं भागीदारी सुनिश्चित बनानी अनिवार्य है, तभी इस पर रोक लग सकती है। बीएमओ नालागढ़ डा. केडी जस्सल ने कहा कि नालागढ़ अस्पताल में किए गए टेस्टों में से छह नए मरीज डेंगू के डिटेक्ट हुए है और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि बीबीएन में एलीजा विधि से किए गए 465 टेस्टों में से 31 लोगों में डेंगू पॉजीटिव पाया गया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि डेंगू की रोकथाम के लिए साफ सफाई का होना बहुत जरूरी है और पानी एक जगह पर जमा नहीं होना चाहिए। बरतनों को ढककर रखें और मच्छरदानियों का प्रयोग करें, वहीं पूरी बाजू वाले वस्त्र पहनने चाहिए।  कूलर आदि में रखा पानी साफ करना चाहिए और डेंगू बीमारी आमतौर पर घर के आसपास पानी जमा होने से होती है, क्योंकि पानी एकत्रित हो जाता है और इसमें मक्खी मच्छर पनपने लगते हैं और इसी बीच डेंगू मच्छर भी पैदा होता है।