Tuesday, May 26, 2020 11:57 PM

नाहोट में आठ बैग सरकारी सीमेंट पत्थर

नेरचौक-उपमंडल बल्ह की गलमा पंचायत का गांव नाहोट आज भी सड़क सुविधा के लिए तरस रहा है, जिस कारण ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।सड़क सुविधा से जुड़ने के लिए ग्रामीण अपने स्तर पर धन जुटा रहे हैं, मगर पंचायत के गैर जिम्मेदाराना रवैये से मुहैया करवाए गए धन की बर्बादी हो रही है। ग्रामीणों रूपलाल, पूर्ण चंद, गणेश दत्त, लेख राम, मनोहर लाल, नरेंद्र कुमार, रूप चंद, बलदेव चंद, सीताराम, विनोद, जीवन लाल, परमा राम, ढाहलु राम, मोहन लाल आदि ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद भी सड़क सुविधा के लिए तरस रहे हैं। इस पर छह वर्ष पूर्व ग्रामीणों ने अपने स्तर पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रकाश चौधरी से तीन लाख दस हजार की राशि स्वीकृत करवाई थी। उसके उपरांत सांसद रामस्वरूप शर्मा द्वारा भी एक लाख की राशि प्रदान की गई थी, मगर छह वर्ष से अधिक समय बीतने पर भी इस पुलिया का निर्माण कार्य अधर में ही लटका देख 300 से अधिक जनसंख्या वाले गांव के बाशिंदों ने स्वयं दिन रात मजदूरी कर पुलिया निर्माण को पूर्ण किया, मगर अब पुलिया के एक छोर को मिलाना बाकी रह गया है, जिस पर छह माह पहले पंचायत द्वारा पुलिया के किनारे पर निर्माण के लिए रेत, बजरी, पत्थर व सीमेंट प्रधान द्वारा फेंकवाया गया था, मगर कार्य को समय पर शुरू न कर पाने पर सीमेंट के आठ सरकारी बैग मौका पर खराब हो पत्थर बन चुके हैं। सरकारी धन की बर्बादी को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने बल्ह खंड विकास अधिकारी से सरकारी धन की बर्बादी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा इस कार्य को जल्द पूर्ण करवाने की मांग की है।