Friday, December 06, 2019 09:51 PM

नुकसान 10 करोड़ , भरपाई को मिले सिर्फ 10 लाख

 नालागढ़ में बरसात में आईपीएच के बहे करोड़ों, 80 पेयजल व 60 सिंचाई योजनाओं को पहुंची क्षति

नालागढ़ -नालागढ़ उपमंडल के अंतर्गत इस बार की बरसात से आईपीएच विभाग को हुए 10 करोड़ के नुकसान के ऐवज में मात्र 10 लाख की राशि मिली है, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। हालांकि विभाग का कहना है कि प्रथम चरण में नुकसान की यह राशि मिली है, जबकि शेष राशि बाद में आएगी, लेकिन इस बार की बरसात ने आईपीएच नालागढ़ डिवीजन को भारी क्षति पहंुचाई है और इसके ऐवज में जो भरपाई की राशि मिली है वह बहुत ही कम है। बरसात से विभाग के तहत आने वाली 140 पेयजल व सिंचाई योजनाओं को क्षति पहंुची है, जिसमें से 80 पेयजल और 60 सिंचाई योजनाओं को नुकसान हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन से निकलने वाली आईपीएच विभाग के अधीन आने वाली राजकूहल को ही करीब 30 लाख की क्षति सहित पेयजल व सिंचाई योजनाओं के पंप हाउस, स्लैब, रिटेनिंग वाल, बावंडरी वॉल, डिस्ट्रीब्यूशन लाइन, राईजिंग मेन, पंप वेल सहित सिल्ट आने से नुकसान उठाना पड़ा है। जानकारी के अनुसार इस बार की बारिशों से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया था, वहीं आईपीएच नालागढ़ डिवीजन भी बहुत ज्यादा नुकसान वहन करना पड़ा है और नुकसान का आंकड़ा 10 करोड़ तक पहंुच गया है और इसके बदले में मात्र 10 लाख की राशि मिली है, जो नाकाफी है। बता दें कि आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के तहत शहरी क्षेत्र में मौजूदा समय में नालागढ़ शहर करीब 2000, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में करीब 7000 पानी के कनेक्शन है। इसके अलावा 70 कनेक्शन कर्मशियल है। बद्दी में शहरी क्षेत्र में 515, ग्रामीण क्षेत्रों में 5214, जबकि 12 कनेक्शन कामर्शियल है। रामशहर सब डिवीजन में घरेलू 4820 व एक कामर्शियल कनेक्शन शामिल है। ट्यूबवेल सब डिवीजन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 1350 घरेलू पानी के कनेक्शन है, जबकि एक कामर्शियल कनेक्शन शामिल है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति आईपीएच विभाग ही कर रहा है। आईपीएच नालागढ़ मंडल के तहत 158 पेयजल योजनाओं व 150 सिंचाई योजनाओं के तहत लोगों को पेयजल व सिंचाई का पानी देता है। इन्हीं योजनाओं में से 140 पेयजल और सिंचाई की योजनाओं को नुकसान पहंुचा है। आईपीएच नालागढ़ डिवीजन के एक्सईएन आरके खाबला ने कहा कि इस बार की बरसात से विभाग को हुए 10 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है और प्रथम चरण में विभाग को 10 लाख की राशि मिल गई है और शेष राशि जल्द मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई वे पेयजल योजनाओं को बारिश के बाद रिस्टोर कर दिया गया है और जहां मर मत की आवश्यकता है, वहां उसे करवाया जाएगा।