Saturday, July 04, 2020 11:13 AM

नेकदिल पुलिस हैड कांस्टेबल को सम्मान

लॉकडाउन में फंसे कोलकाता के परिवार को अपने घर ठहराने के लिए एसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

बिलासपुर -लॉकडाउन में फंसे कोलकाता के परिवार को अपने घर पर पनाह देने के लिए पुलिस कर्मी सहित उनकी धर्मपत्नी को प्रशस्ति पत्र के साथ ग्यारह सौ रुपए का इनाम मिला है। समाजसेवा क्षेत्र में सक्रियता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने हैड कांस्टेबल प्रकाश चंद और उनकी धर्मपत्नी को प्रशस्ति पत्र संग 11-11 सौ रुपए इनाम स्वरूप प्रदान किए हैं। कोरोना वायरस के बीच मुसीबत के समय बाहरी राज्य के परिवार को अपने घर में ठहराकर पुलिस कर्मी ने नेकदिली की मिसाल कायम की है। लंबे समय तक बिलासपुर एसपी आफिस में सहायक कानून अधिकारी के पद पर रहे और वर्तमान में डैहर पुल पर अपनी सेवाएं दे रहे प्रकाश चंद बंसल समाजसेवा क्षेत्र में सक्रिय हैं। मानव सेवा ट्रस्ट के माध्यम से सालों से दीन दुखियों और बुजुर्गों की सेवा कर रहे हैं। बिलासपुर व दयोली तथा सुंदरनगर में डे-केयर सेंटर खोले गए हैं जहां बुजुर्गों के लिए समय समय पर हैल्थ कैंप लगाए जाते हैं। वहीं, सेंटरों में बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए भी सामग्री रखी गई है ताकि फुर्सत के क्षणों के बुजुर्ग मनोरंजन करते हुए समय व्यतीत कर सकते हैं। इनाम पाकर गदगद प्रकाश चंद ने एसपी का आभार प्रकट किया है। यहां बता दें कि हिमाचल की वादियों को निहारने के लिए पैकेज टूअर पर एक कोलकाता का परिवार आया था लेकिन शिमला व मनाली घूमने के बाद ये लोग लॉकडाऊन के कारण सुंदरनगर में फंस गए। वहीं टैक्सी चालक भी उन्हें किसी होटल में छोड़कर चला गया। कुछ दिन परेशानी में रहने के बाद बिलासपुर पुलिस के मुख्य आरक्षी प्रकाश चंद बंसल जो इन दिनों डैहर पुल पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं ने अपने नए घर सुंदरनगर जा रहे थे कि रास्ते में उन्हें यह परिवार सड़क पर मिला और फिर उनकी समस्या सुनी। बंसल ने जिला प्रशासन को सूचित किया। प्रशासन ने इन लोगों को भोजन मुहैया करवाया और कहीं ठहरने की व्यवस्था की। व्यवस्था ठीक न होने के कारण यह परिवार और परेशान हो गया था। फिर उन्होंने प्रकाश बंसल को अपनी समस्या से अवगत करवाया। बंसल ने उन्हें अपने घर रहने की ऑफर की लेकिन यह परिवार ना-नुकर कर वहां चला गया। बंसल ने अपने मकान में अलग से पूरा सेट इन्हें रहने के लिए दिया है। यह परिवार स्वयं अपनी पंसद का भोजन बनाता है और पूरी आजादी से रह रहा है। प्रकाश चंद बाकायदा उनकी पंसद का भोजन, सामग्री आदि लाकर उन्हें देते हैं। लॉकडाउन और कर्फ्यू के इस माहौल में मानवता की सेवा करने का ऐसा विलक्षण मौका बिरले लोगों को ही मिलता है। यह ऐसा समय हैं जहां पर लोग अपने को छूने से कतरा रहे हैं अपने पास ठहराना तो बहुत दूर की बात है। लेकिन प्रकाश बसंल जैसे ऐसे पुलिस कर्मी भी हैं जिन्होंने मानवता की मिसाल पेश की है।