Monday, August 26, 2019 10:13 AM

नौणी यूनिवर्सिटी की ऊंची उड़ान

कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में नौणी विवि को मिला 12वां स्थान; 26 स्थानों की लगाई छलांग, बेहतर कार्यों पर मिला तगमा

नौणी -डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों की रैंकिंग में 12वां स्थान हासिल हुआ है। यह रैंकिंग इस सप्ताह नई दिल्ली में आईसीएआर स्थापना दिवस के अवसर पर जारी की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति डा. परविंदर कौशल ने भाग लिया। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने इस सूची में 26 स्थानों का सुधार किया है। आईसीएआर रैंकिंग वर्ष 2016 में देश में उच्च कृषि शिक्षा के मानक में सुधार के लिए शुरू की गई थी। इस वर्ष, रैंकिंग में भारत के 60 कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों को सूची में शामिल किया गया है। कृषि विश्वविद्यालयों को छात्र और संकाय की प्रोफाइल, प्रकाशन, अनुसंधान, प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण आदि जैसे मापदंडों पर आंका गया। वर्ष 2016 में नौणी विवि को इस रैंकिंग में 51वां स्थान मिला था। वर्ष 2017 में 13 स्थानों का सुधारकर विश्वविद्यालय 38वें स्थान पर रहा। इस साल विश्वविद्यालय ने इस रैंकिंग में 26 स्थानों का सुधार कर 12वां स्थान हासिल किया है। नौणी विश्वविद्यालय लगातार देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शामिल है। पिछले तीन वर्षों से नौणी विवि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एनआईआरएफ रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश का सर्वोच्च विश्वविद्यालय रहा है। इस वर्ष इस रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में 80वां स्थान हासिल किया था और इस सूची में स्थान पाने वाला राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय था।॒विश्वविद्यालय के छात्रों ने आईसीएआर नेट, जेआरएफ, एसआरएफ और अन्य राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न मापदंडों पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। गुणवत्ता प्रकाशन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहल, आईसीएआर डीन समिति की सिफारिशों को लागू करना,राज्य सरकार द्वारा अनुदान और आंतरिक राजस्व में बढ़ोतरी की वजह से विश्वविद्यालय ने इस रैंकिंग में काफी सुधार किया है। इस वर्ष नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली को इस रैंकिंग में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान मिला है।