Sunday, June 16, 2019 06:03 PM

नौ उद्योगों का हवा-पानी जहरीला

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मांगा जवाब, 32 के भरे थे नमूने

शिमला  —प्रदेश में वातावरण को प्रदूषित कर रहे नौ उद्योगों को पीसीबी ने नोटिस जारी कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नौ उद्योगों से जवाब मांगा गया है।  जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 22 उद्योगों के  सैंपल जांच की गई थी, लेकिन जब हवा और पानी के सैंपल रिपोर्ट आई तो 9 उद्योगों के सैंपल फेल हो गए। जिसे लेकर नोटिस जारी किया गया है। इसमें पांच उद्योागों के पानी और बाकी सैंपल हवा क ा फेल हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का मानना है कि हिमाचल को प्रदूषण रहित रखने के लिए कड़ी नज़र रखी जानी जरूरी है। इसके लिए पीसीबी ने भी साफ किया है कि प्रदूषण के साथ खिलवाड़ करने वाले उद्योगों को नहीं बख्शा जाएगा, जिसमें समय दर समय पानी और हवा के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि राज्य में बीते वर्ष लगभग 25 उद्योगों की बिजली काटी गई है। बार-बार नोटिस देने के बावजूद वातावरण को प्रदूषित कर रहे उद्योगों की बिजली काट कर खिंचाई की गई है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मानें तो उद्योगों के साथ लगते क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्रदूषण का स्तर बढ़ा देखा गया है, जिसमें सबसे ज्यादा हवा और पानी के सैंपल भी फेल होते रहे हैं। हर वर्ष बद्दी, नालागढ़ और सिरमौर में सबसे ज्यादा उद्योग स्थापित हैं। लिहाजा वहां पर फैक्टरी के कारण स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ता है। लिहाजा़ पीसीबी ने सभी फैक्टिरयों की ऑनलाइन रिपोर्टिग भी शुरू कर दी है। गौर करें तो हर वर्ष चालीस से पचास उद्योगों के सैंपल फेल हो रहे हैं। नतीजा़ ये कि प्रदेश के उद्योगों पर कड़ी नज़र रखना जरूरी है, जिसे लेकर  उद्योगों की नकेल कसी जा रही है।

 इन बीमारियों की औषधियां सब-स्टैंडर्ड

मार्च माह के ड्रग अर्लट में 50 दवा उद्योगों में निर्मित दवाएं गुणवत्ता के पैमाने पर अधोमानक साबित हुई हैं, जो दवाएं सब-स्टैंडर्ड पाई गई हैं, उनमें दिल के रोगों, अल्सर, गैस्ट्रिक, मधुमेह, संक्रमण,ब्लड क्लाउटिंग , एलर्जी, बुखार, दर्द, मिरगी, आयरन की कमी  के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं।