Wednesday, December 11, 2019 05:42 PM

न जात; न पात, बस मुद्दा हो सिर्फ विकास

भारतीयता हो सबकी जात

घुमारवीं नगर परिषद के पार्षद श्याम लाल शर्मा उर्फ श्याम का मानना है कि हिंदोस्तान में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जात भारतीयता होनी चाहिए। जाति के आधार पर चुनाव लड़ना गलत व बेबुनियाद बात है। चुनाव लड़ने वाले हर प्रत्याशी की जात भारतीयता ही होनी चाहिए, जिससे ही देश का भला हो सकेगा। धीमान कल्याण महासभा के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान अमरनाथ धीमान का कहना है कि चुनाव जाति नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर होना चाहिए। जाति के आधार पर चुनाव लड़ना गलत है। यह समाज को बांटने का काम है। जिसकी सोच सामाजिक व देश हित में हो उसको मौका मिलना चाहिए।

जातिवाद समाज के लिए खतरनाक

क्षत्रिय महासभा के महासचिव डा. योगेश ने बताया कि जाति के आधार पर चुनाव लड़ना या टिकट की बात करना गलत है। यह काबिलियत का गला घोंटना है। किसी भी आधार पर चुनावों में जाति को आधार न बनाया जाए। यह समाज के लिए भी खतरनाक साबित होगा।

जाति को आधार बनाना बिलकुल गलत है

घुमारवीं के विनोद कुमार का कहना है कि जाति के आधार पर चुनाव लड़ने की बात करना बिल्कुल गलत है। यदि ऐसा होने लगा, तो योग्यता व काबलियत खत्म हो जाएगी। एक-दूसरी जाति को नीचा दिखाने के लिए कई हथकंडे अपनाए जाएंगे, जो कि समाज को बांटने का काम करेंगे।

लोगों में भाईचारा होगा कम

जिला ब्राह्मण सभा के सलाहकार श्याम लाल का कहना है कि जाति के आधार पर चुनाव लड़ने की बात करना गलत है। इससे समरसता खत्म होती है। भाईचारा कम होता है। दूरियां बढ़ती है, ईर्ष्या बढ़ेगी। इससे समाज का बंटाधार हो जाएगा। चुनावों में जाति से संबंधित बातें नहीं होनी चाहिए।

जाति के आधार से समाज बंट जाएगा

घुमारवीं के विकास भारद्वाज ने बताया कि जाति के आधार पर चुनाव लड़ने का ऐलान की बातें करना सरासर गलत है। यदि जाति के आधार पर चुनाव लड़ना शुरू हो गया, तो इससे समाज बंट जाएगा। लोगों में गलत मैसेज जाएगा। ऐसी बातें करना भी समाज के लिए सही नहीं है।