Monday, August 03, 2020 05:10 PM

पंचायत और सरकारी अनदेखी का शिकार गरीब परिवार

  भदसाली हार में दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद डिप्रेशन का शिकर हुआ पीडि़त, फिर भी नसीब नहीं हुई छत

ऊना -जिला ऊना के हरोली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत भदसाली हार में पंचायत व प्रशासनिक उपेक्षा के चलते एक परिवार बिना छत के ही अपना जीवन बसर करने को मजबूर है। पंचायत व प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काटते पीडि़त डिप्रेशन का शिकार हो गया है। जिसका वह उपचार भी करवा रहा है। लेकिन पीडि़त को किसी भी आवास योजना सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया है। पिछले दो वर्ष पहले पीडि़त सुरेंद्र सिंह का बरसात में मकान ध्वस्त हो गया था। पीडि़त की हालत दयनीय होने के चलते वह मकान का पुननिर्माण नहीं कर पाया। स्थानीय पंचायत से भी पीडि़त ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। पीडि़त सुरेंद्र सिंह दो वर्षों से पंचायत व सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। लेकिन आश्वासनों के सिवाय इस मामले को लेकर कुछ न हुआ है। हालात ये हो गए हैं कि इसकी गरीबी को मद्देनजर रखते हुए इसे बीपीएल श्रेणी में भी नहीं डाला गया है। जिससे इसका अपना व बच्चों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन के चक्कर काटते-काटते अब अपना मकान न होने के चलते सुरेंद्र सिंह डिप्रेशन को शिकार हो चुका है। पीडि़त मेहनत मजदूरी कर अपना व परिवार पेट पालता है, लेकिन मानसिक तौर पर अस्वस्थ होने के कारण अब कई बार तो मजदूरी भी नहीं कर पाता है। ऐसी स्थिति को देखने के बाद भी स्थानीय पंचायत का रहमोकरम भी इस पीडि़त की और नहीं है। पीडि़त की पत्नि व दो नन्हें बच्चे है। जिनका गुजारा करना बड़ा मुश्किल है। इसकी स्थिति पर इसके भाई ने दो साल पहले तरस खाया था। जिसके चलते इसे एक कमरा रहने के लिए दिया था, लेकिन अब वह भी इसे अपने मकान में रहने के लिए कह रहा है। पीडि़त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि हालात यह हो गए है कि वे अब न घर है और न ही घाट का। उन्होंने बताया कि अपना मकान बनाने के लिए पंचायत व प्रशासन से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन सिवाय आश्वासन के आज दिन तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके चलते वह दयनीय स्थिति में अपना जीवन बसर करने को मजबूर है और डिप्रेशन का उपचार करवा रहा है। उधर, ग्राम पंचायत भदसाली हार की प्रधान पुष्पा देवी का कहना है कि जब ग्राम पंचायत का आम इजलास होगा तो उस समय पर इसे बीपीएल श्रेणी में लाने के लिए चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इसके क्षतिग्रस्त मकान का निर्माण करने के लिए वेलफेयर विभाग को पत्र प्रेषित किया गया है।