Wednesday, August 21, 2019 04:38 AM

पढ़ाई छोड़ चुके 19 बच्चे फिर जाएंगे स्कूल

भुंतर स्कूल के अध्यापकों की कोशिश लाई रंग, 11 लड़कियां-आठ लड़कों ने आर्थिक तंगी के कारण आठवीं कक्षा के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई

कुल्लू -हर बच्चे को शिक्षा मिले इसका नारा हर सरकारी मंच से नेताओं द्वारा लगाया जाता है। वहीं, बड़े-बड़े आंकड़े भी पेश किए जाते हैं कि सरकार शिक्षा पर इतने करोड़ खर्च कर रही है, लेकिन यह दावा जिला कुल्लू की एक ग्राम पंचायत में हवा होता नजर आ रहा है। जिला कुल्लू की ग्राम पंचायत जिया के वार्ड एक में 19 ऐसे बच्चे हैं, जो गरीबी के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। गरीबी के कारण इन बच्चों ने आठवीं के बाद स्कूल जाना बंद कर दिया। इनमें 11 लड़कियां, आठ लड़के शामिल हैं। सभी बच्चे अल्पसंख्यक समुदाय से संबंध रखते हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य हेमराज शर्मा व अन्य शिक्षकों ने जब इस वार्ड का दौरा किया तो यह हकीकत सामने आई। स्कूल के शिक्षकों ने इन सभी बच्चों के अभिभावकों से भी बात की और बच्चों को स्कूल भेजने का आग्रह किया, तब जाकर अभिभावक अपने बच्चों को एक बार फिर से स्कूल भेजने के लिए तैयार हुए हैं। गौर रहे कि भुंतर स्कूल के शिक्षक आसपास के गांव में जाकर ऐसे बच्चों की खोज करने में लगे हुए हैं जिन बच्चों ने गरीबी के कारण स्कूल छोड़ दिया था और उनके अभिभावक स्कूल भेजने में असमर्थ हैं। इससे पहले भी भुंतर स्कूल में चार ऐसे बच्चों को गोद लिया गया है, जिनमें तीन छात्राएं शामिल हंै। उन सभी बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर अन्य खर्चों को स्कूल के शिक्षकों द्वारा ही उठाया जा रहा है, ताकि वे बच्चे पढ़-लिख कर आत्मनिर्भर हो सकें। उधर, ग्राम पंचायत पंच वार्ड नंबर एक  सबीना का कहना है कि यहां पर काफी गरीब परिवार रहते हैं, जो अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हंै, लेकिन अब एक बार अभिभावकों से शिक्षकों द्वारा बात की गई है और अभिभावक भी अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हो गए हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने स्कूल को दी जानकारी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमला ने बताया कि उन्होंने इस वार्ड का जब दौरा किया तो उन्होंने पाया कि यहां 19 बच्चे ऐसे हैं, जो गरीबी के चलते स्कूल नहीं जा पा रहे थे, तो ऐसे में स्कूल के प्रधानाचार्य को इसकी सूचना दी गई। अब एक बार फिर से यह बच्चे स्कूल जा कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

शिक्षक मिलकर उठाएंगे बच्चों की पढ़ाई का खर्च

भुंतर स्कूल के प्रधानाचार्य हेमराज शर्मा ने बताया कि स्कूल के शिक्षक मिलकर साथ लगते गांव में जाकर ऐसे बच्चों की खोज कर रहे हैं, जिनका किन्हीं कारणों से स्कूल छूट गया था। वह अब उन्हें दोबारा से स्कूल में भर्ती कर रहे हैं, ताकि बच्चे पढ़ लिख कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि स्कूल में तैनात शिक्षक मिलकर इन सभी बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करेंगे।