Friday, September 24, 2021 06:17 AM

पनिहारों-बावडिय़ों से हटाया जाए अतिक्रमण

परंपरागत जल निकायों के जीर्णोद्धार को लेकर खंड विकास अधिकारियों को दिए निर्देश

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-चंबा उपायुक्त डीसी राणा ने बरसात के मौसम में जल निकायों का उचित रखरखाव के लिए पंचायती राज संस्थाओं व नेहरू युवक केंद्र, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा जल शक्ति विभाग तथा लोगों की सक्रिय जनसहभागिता से 29 जुलाई से पहली अगस्त तक विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मकसद बरसात के मौसम में जल जनित रोगों से बचाव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जिला में परंपरागत जल निकायों के जीर्णोद्धार को लेकर खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। गुरुवार को जल शक्ति विभाग की वर्षा जल संग्रहण व पर्वत धारा योजना के तहत जिला में करवाए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने यह भी कहा कि इन योजनाओं से परंपरागत जल निकायों के संरक्षण व संवर्धन के लिए उठाए गए कदमों में परंपरागत जल स्रोतों के मौलिक स्वरूप के साथ कोई भी छेड़छाड़ न की जाए और पनिहारों, बावडिय़ों से गाद तथा अतिक्रमण को हटाना भी सुनिश्चित बनाया जाए। उपायुक्त ने कहा कि जिला में 2051 चिन्हित जल निकायों के जीर्णोद्धार के कार्य में संयुक्त रुप से विभिन्न विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय और तत्परता से निर्धारित समय के भीतर कार्य को अंजाम दें।

इस दौरान चिन्हित स्थलों के नाम, जिओ को-आर्डिनेट भी इंगित किया जाए। उपायुक्त ने वाटरशैड में परिस्थिति की संतुलन के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभाग वर्षा जल संग्रहण के लिए कार्यालयों में उपलब्धता अनुसार पिट बनाना भी सुनिश्चित बनाएं। जल शक्ति विभाग बाढ़ नियंत्रण कार्य के लिए प्रत्येक उपमंडल में कार्य चिन्हित करें और कार्यों की लागत व कार्य योजना का प्रारूप भी प्रस्तुत करें। उन्होंने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को यह भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए कि शहरी स्थानीय निकायों में भवन निर्माण के मैप में जल संग्रहण पिट का प्रावधान अनिवार्य बनाया जाए। उपायुक्त ने बैठक में मौजूद वन मंडलाधिकारियों को पौधारोपण व हरित आवरण में वृद्धि के लिए निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित वन मंडल अधिकारी कटोरी बंगला से मैहला तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग के चिन्हित स्थलों पर अन्य प्रजातियों के पौधों के साथ औषधीय पौधों को भी रोपित करने पर बल दें। बैठक में परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण चंद्रवीर सिंह, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता देसराज, वन मंडलाधिकारियों सहित खंड विकास अधिकारी, कृषि, उद्यान, मत्स्य तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।