Sunday, December 06, 2020 03:25 AM

परंपरा न टूटे…कोरोना भी न फैले

इस बार सूक्ष्म रूप में मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा, देवलुओं-हारियानों-श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दिशा-निर्देश

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू-कोरोना वायरस के दृष्टिगत अंतरराष्ट्रीय दशहरा कुल्लू का स्वरूप इस बार अत्यंत सूक्ष्म किया गया है, ताकि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और दशहरा परंपरा का भी  निर्वहन किया जा सके। इस संबंध में एक आदेश पारित किया गया है। आदेश के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण कोविड-19 तेजी से संक्रमित होने वाला रोग है।  सामाजिक दूरी व स्वच्छता को इस महामारी के संक्रमण को तेजी से फैलने से रोकने में एक कारगर उपाय माना गया है। अंतरराष्ट्रीय  दशहरा महोत्सव 25 से 30 अक्तूबर तक मनाया जाना प्रस्तावित है, परंतु उक्त महामारी से उत्पन्न हालातों के कारण इस वर्ष दशहरा उत्सव को अत्यंत सूक्ष्म रूप से केवल सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया जाना निर्धारित किया गया है। दशहरा उत्सव में आने वाले देवलुओं,  हारियानों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा  व महामारी  के  संक्रमण को फैलने से रोकने हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

आदेशों के अनुसार  रथ यात्रा अथवा दशहरा उत्सव में आने वाले सभी देवलुओं, हरियानों  तथा आम जनों को हर समय मास्क लगाना या चेहरा ढकना अनिवार्य होगा तथा सामाजिक दूरी के नियमों का भी पालन करना अत्यंत आवश्यक होगा। सभी देवलुओं, हरियानों तथा आमजनों को अनिवार्य रूप से हाथों को धोना अथवा सेनेटाइज करना व स्वच्छता का पालन करना अनिवार्य होगा। देवताओं के अस्थायी शिविर में दर्शन हेतु निर्धारित स्थान से दर्शन करना होगा व मूर्ति अथवा रथ को छूना वर्जित होगा। दर्शन हेतु कतार में चिन्हित स्थानों पर खड़े होना होगा। नगर परिषद कुल्लू द्वारा प्रतिदिन सुबह और शाम को सभी देव शिविरों को सेनेटाइज किया जाएगा। नगर परिषद कुल्लू द्वारा कोरोना  से संबंधित उपयोग किए  गए पदार्थ अर्थात मास्क, दस्ताने इत्यादि के निस्तारण हेतु अलग से कूड़ेदानों को चिन्हित किया जाएगा व इस प्रकार के पदार्थों को इन्हीं चिन्हित कूड़ादानों में डालना सुनिश्चित किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं व आमजन प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए प्रवेश व निकासी द्वार द्वारा ही आना जाना सुनिश्चित करेंगे।

देवलुओं, हारियानों के लिए कोरोना जांच अनिवार्य

इसके अतिरिक्त रथ यात्रा व देवलुओं, हारियानों, बजंतरियों के लिए कोरोना जांच करवाना अनिवार्य होगा।  सभी श्रद्धालुओं तथा देवलुओं को आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग करने व  प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर तापमान की जांच करवाना तथा हाथ धोना सुनिश्चित करेंगे, जो उत्सव में भाग लेने हेतु आएंगे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे वह किसी भी बीमारी के लक्षणों को आवश्यक रूप से संबंधित स्वस्थ्य अधिकारियों के ध्यान में लाएंगे। इसके अतिरिक्त उत्सव स्थल तथा आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में थूकना तथा उपयोग में लाए हुए मास्क इत्यादि को इधर-उधर फेंकना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। उपरोक्त आदेशों की अवहेलना करने पर नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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