Saturday, September 21, 2019 04:24 PM

परमाणु नीति में हो जरूरी बदलाव

किशन सिंह गतवाल, सतौन, सिरमौर

एक ज्वलंत विषय पर पर्याप्त विचार-विमर्श की आवश्यकता है। क्या भारत को पहले नहीं वाली अपनी परमाणु नीति पर विचार करना चाहिए। क्या उस नीति में संशोधन कर ‘अटैक इज दि बैस्ट डिफैंस’ पर आचरण करना चाहिए? विषय बड़ा पेचीदा है। यदि इस पर कोई संशोधन न किया जाए तो भारत अपने अंहिसा परमोधर्म पर चलता रहेगा और बार-बार पाकिस्तान और चीन जैसे अत्यंत कुटिल देशों से क्षत-विक्षत होता रहेगा। एक छोटे से देश पाकिस्तान ने भारत से हजारों वर्षों तक जंग लड़ने की कसम खाई है। क्या यह यूं ही चलता रहेगा? इतने घाव मिलने पर भी क्या हमें पहले परमाणु अस्त्रों का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्या नई माकूम नीति पर चलते हुए हमें इन अविराम प्रहारों को हमेशा के लिए  विराम नहीं देना चाहिए।  ढिठाई, शर्म, लज्जा और मानवता आदि वह नहीं जानता, ऐसा कपटी नीच देश अगर पहले परमाणु हमला भारत पर कर देता है तो देश को बड़ी क्षति होगी, हम घाटे में रहेंगे। इसलिए क्यों न भूल सुधार कर अपनी परमाणु नीति में परिवर्तन कर  जरूरत पर यथेचित आचरण करें और देश को सुरक्षित रखें।