Tuesday, August 20, 2019 12:14 PM

परीक्षा रद्द होने का दुख… गिरोह पकड़ने की खुशी

धर्मशाला -पुलिस भर्ती में ही सेंध, तो समान्य परीक्षाओं का क्या हाल होगा? यह चर्चा दिन भर जिला कांगड़ा में होती रही। जिन परीक्षार्थियों ने पूरी मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी उन परीक्षार्थियों को परीक्षा रद्द होने का दुखः भी है, लेकिन खुशी भी है कि इस तरह के फर्जी लोग भर्ती हो गए तो प्रदेश में कानून -व्यवस्था का क्या हाल होगा। दूसरी ओर पुलिस भर्ती में पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थी किसी बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर सकते हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए सभी युवा 28 वर्ष तक की उम्र के हैं। कांगड़ा पुलिस की इस कामयाबी से मात्र प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी इस गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।  सूत्रों की मानें तो विक्रम इस गिरोह का मास्टर माइंड दो साल पहले जवाली क्षेत्र में ही दुकान चलाता था।  पिछले दो साल से दुकान बंद है और वह कुछ भी काम नहीं करता है जिससे आमदनी हो सके। पुलिस ने भी पड़ोसी राज्यों की पुलिस को इन आरोपियों के बारे में सूचना दी है, ताकि दूसरे राज्यों में इनके खिलाफ मामले दर्ज होंगे, तो पुलिस को इनके बारे में अधिक जानकारी पता लगाने में आसानी होगी। विशेषज्ञों की मानें तो इन युवााओं के तार हिमाचल ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों मंे आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं और मास्टर माइंड से जुड़े हो सकते हैं। इन युवाओं में सभी स्नातक की शिक्षा उर्त्तीण कर चुके हैं और एक एमए अंगे्रजी भी है। इस तरह का धंधा प्रदेश में पहले से ही चल रहा है, लेकिन पूर्व में कभी भी कामयाबी नहीं मिली है। यह पहली बार है कि कांगड़ा पुलिस व खुफिया विभाग ने सयुंक्त प्रयासों से कामयाबी मिली है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की राडार पर कांगड़ा जिला के ही एक दर्जन से अधिक लोग हैं, क्योंकि पुलिस ने 11 लाख राशि मास्टर माइंड के घर से प्राप्त की है।

प्रश्न पत्र पर भी उठने लगे सवाल

पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पत्र पर भी छात्रों ने सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं। छात्रों ने बताया कि यह प्रश्न पत्र ऑनलाइन उठाया गया है और पूरा का पूरा पेपर एक जगह से उठाकर ही डाल दिया गया है। भर्ती में भाग लेने वाले छात्रों ने मांग की है कि पेपर कमेटी गठित कर पेपर सेटिंग करनी चाहिए, ताकि सही ढंग से तैयारी करने वाले परीक्षार्थी ही इस परीक्षा में पास हो सकें।