Sunday, May 09, 2021 06:27 PM

पर्यटकों ने किया कुल्लू-मनाली का रुख

गर्मियों की पसंदीदा सैरगाह है पर्यटन नगरी, इस बार कोविड मापदंडों को पूरा करने पर ही होगी एंट्री

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर

कोरोना की बंदिशों के बीच अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली की ओर सैलानी उमड़ने लगे हैं। सरकार के नए निर्देशों के तहत होटल कारोबारी भी मेहमानों की आवभगत करने में जुट गए हैं। लिहाजा, आने वाले दो से तीन माह तक अगर कोरोना का खतरा ज्यादा नहीं बढ़ा तो सैलानियों की रौनक देखने को मिलगी। बता दें कि अप्रैल से जुलाई की गरमी से परेशान सैलानी राहत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली को भागे-भागे आते हैं। इन चार महीनों में जिला में आने वाले पर्यटकों की संख्या सर्दियों की तुलना में दोगुनी हो जाती है। सैलानी मनाली-रोहतांग-सोलंगनाला, मणिकर्ण-बरशैणी तथा बंजार-जलोड़ी के पर्यटन ठिकानों में इस दौरान रहते हैं और अगस्त-सितंबर में गर्मी कम होने के बाद वापस लौटना आरंभ करते हैं। जानकारों के अनुसार कुल्लू-मनाली देश-दुनिया के सैलानियों के लिए सबसे पसंदीदा सैरगाह बन गया है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में सैलानियों की संख्या में इजाफा होना आरंभ होता है और मई-जून साल का पीक सीजन रहता है।

साल के किसी भी माह में एक से दो लाख तक जिला में आने वाले सैनियों का आंकड़ा इन महीनों में चार लाख के पार हो जाता है।  पिछले दो सालों में केवल मई व जून केवल मात्र महीने रहे हैं, जब यहां आने वाले सैलानियों का आंकड़ा चार लाख के पार हुआ है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 से 2019 तक अप्रैल माह में जिला में 1752742 सैलानी, मई में 2131096, जून में 2299923 तथा जुलाई में 1791598 सैलानी आए हैं, जो अन्य माह में आए सैलानियों से 50 फीसदी तक ज्यादा हैं। हालांकि पिछले साल कोई भी सैलानी इस दौरान लॉकडाउन के कारण नहीं आ पाया था। गर्मियों में यहां पहुंच रहे पर्यटकों के कारण पर्यटन कारोबारी खूब चांदी कूटते हैं। जानकारी के अनुसार 2015 के बाद से शिमला भी कुल्लू के मुकाबले सैलानियों को आकर्षिक करने के मामले में पिछड़ता जा रहा है। 2018 में कुल्लू में शिमला के मुकाबले करीब तीन लाख ज्यादा सैलानी आए थे। पर्यटकों की लंबी लाइन के बाद जिला के कारोबारी इस बार भी ज्यादा सैलानियों के यहां पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा का कहना है कि सैलानियों के अनुसार सरकार ने कोविड मापदंड तय किए हैं और इनका पालन करते हुए सैलानी जिला में आ सकते हैं।